सुरेरी। ग्रामीणों की शिकायत पर गांव में हुए विकास कार्यो की जांच करने पहुंचे अधिकारी को भारी खामी मिली। किसी के नाम से बिना शौचालय बनावाए तो किसी दूसरे के नाम से बने जाबकार्ड पर दूसरे की फोटो लगाकर धन निकालने का मामल प्रकाश में आया।
रामपुर के भदखिन गांव निवासी संतोष कुमार मिश्र ग्राम सभा में भारी धांधली का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें जिलाधिकारी द्वारा एडीओ एजी रामपुर श्रवण कुमार उपाध्याय को जांच अधिकारी नामित किया गया था। गुरुवार को गांव में जांच करने पहुंचे एडीओ एजी को जाबकार्ड व शौचालय निर्माण में भारी खामी मिली। गांव के सभाजीत सिंह व पन्नालाल के नाम से शौचालय का पैसा निकाल लिया गया। मौके पर शौचालय बना ही नहीं। जांच में लोगों ने शौचालय का धन मिलने से अनभिज्ञता जतायी। वही रजनीश पुत्र परमा के जाब कार्ड पर फोटो किसी और का लगाकर धन निकाल लिया गया। जानकारी रजनीश को तब हुई जब मौके पर जांच अधिकारी जाब कार्ड धारकों की जांच करने लगे। इसी तरिके से गांव के ओम प्रकाश पुत्र भुलई,फूलचन्द पुत्र कन्हैया, उमाशंकर पुत्र खेतल आदि लोगों के जाब कार्ड पर भी किसी दूसरे की फोटो लगाकर सरकारी धन के हेराफेरी की बात सामने आयी। जब लोगों को इस बात की जानकारी हुई की ग्राम सभा के निवर्तमान प्रधान रहे ललित पुत्र कन्हैया अपने ही कार्यकाल में खुद मनरेगा का जाब कार्ड धारक रहे। बिना कार्य किए ही धन निकाल लिए। इस बात का खुलासा जांच अधिकारी की जांच में सामने आया। इस संदर्भ में जांच अधिकारी श्रवण कुमार उपाध्याय ने बताया ग्राम सभा की शिक़ायत काफी हद तक सही पाया जा गया। अभी जांच पूरी नहीं हुयी है। जांच पूर्ण कर रिपोर्ट उच्च अधिकारी को प्रेषित की जाएगी।