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श्री मेंहदीपुर बालाजी सेवा समिति की शोभायात्रा 21 को निकलेगी

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सिकरारा। सई नदी के किनारे अजोशी गांव स्थित महावीर मंदिर पर नागपंचमी के बाद के मंगलवार को मेला लगता है मंदिर में कड़ाही पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस प्राचीन मंदिर को चंदेल राजाओं से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने इसे बनवाया था।
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अजोशी धाम का इतिहास चंदेल राजपूत राजा आझू राय से जुड़ा है। धाम के प्रधान सेवक पंडित गोरख नाथ मिश्र बताते हैं कि राजभर शासकों का सई नदी के किनारे शाहपुर से उंचनी राज्य था जो चंदेल राजा आझू राय को खटकता था। उन्होंने अजोशी की तरफ से उंचनी की ओर कूच किया तो गांव में उनके रथ का पहिया धंस गया। लाख प्रयास के बाद भी नहीं निकला तो उन्होंने ज्योतिषियों की सलाह से उस जगह की खुदाई कराई। खुदाई में वट वृक्ष के पास विशाल मूर्ति मिली। राज पुरोहित की देखरेख में पूजन किया गया। आझू राय को राजभर राजाओं पर विजय प्राप्त हुई। लौटने के बाद राजा ने उस स्थान पर मंदिर बनवाया। विग्रह के सीने पर एक निशान है। जनश्रुति है कि संजीवनी बूटी लेकर लौटते समय हनुमान जी तो भरत जी ने हीं पर तीर मारा था और वह गिर पड़े थे। लक्ष्मण को शक्ति लगने की जानकारी होने पर उन्हें बाण पर ही बैठा कर लंका भेजा था। मंदिर के सुंदरीकरण के लिए बरगद का वृक्ष को कटवाने के लिए मजदूर लगाए गए तो मधु मक्खियों का झुंड उन पर टूट पड़ा। वे सभी जान बचाकर भागे। गोरखनाथ मिश्र बेहोश हो कर गिर पड़े। फिर किसी ने उसे कटवाने की हिम्मत नहीं दिखाई। वृक्ष को मंदिर में ही रखते हुए 150 फुट ऊंचा भव्य मंदिर बनवाया गया। परिसर में जन सहयोग से श्रीराम जानकी, राधा कृष्ण, दुर्गा मां, सिद्धि विनायक, लक्ष्मी देवी, शिवजी तथा साईं मंदिर का निर्माण किया गया। मजेदार यह कि जितने भी देव मंदिर बनते गए उतने वट वृक्ष उगते गए। इस वर्ष 21 अगस्त को पड़ने वाले इस पावन पर्व पर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। यहां लगने वाले मेले में कई जिले से व्यवसायी आते हैं। लोग अभी से मेला क्षेत्र में अपनी दुकानों के लिए स्थान सुरक्षित करवा रहे हैं।



जौनपुर। श्री मेंहदीपुर बालाजी सेवा समिति के बैनर तले 21 अगस्त को शाम 5 बजे नवदुर्गा शिव मंदिर नखास से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। जो ओलंदगंज, चहारसू, सब्जी मंडी, शिया कालेज, किला रोड, सद्भावना पुल होते हुए चौरा माता मंदिर ओलन्दगंज पहुंचकर समाप्त होगी। बुढ़वा मंगल के दिन निकलने वाली यात्रा कार्यक्रम की जानकारी देते हुए समिति के संस्थापक संदीप मोदनवाल ने बताया कि सुरक्षा, सफाई, यातायात सहित संबंधित व्यवस्था को लेकर नगर मजिस्ट्रेट से मिलकर ज्ञापन सौंप दिया गया है। समिति के अध्यक्ष अनिल प्रकाश वर्मा ने बताया कि शोभायात्रा में हाथी, घोड़ा, बाजा, ध्वनि विस्तारक यंत्र, पालकी, रथ सहित आकर्षक झांकियां शामिल रहेंगी। महासचिव रूपेश वर्मा ने अपील किया कि उक्त अवसर पर तन, मन एवं धन से सहयोग करके कार्यक्रम को सफल बनाएं। प्रतिनिधिमंडल में संदीप मोदनवाल, अनिल प्रकाश वर्मा, सुशील वर्मा एडवोकेट, दीपक कुमार, मुकेश श्रीवास्तव, रूपेश वर्मा, सरदार बिट्टू सिंह, अखिलेश सोनी, दीपक वर्मा, पवन मोदनवाल, प्रेमचंद्र मोदनवाल, विजय कुमार, बृजेश प्रजापति शामिल रहे।
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