जौनपुर। मोहम्मद हसन इंटर कालेज में गेस्ट हाउस, मोहम्मद हसन डिग्री कालेज में जिम व योग भवन का फीता काटकर सोमवार को पूर्व सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी ने उद्घाटन किया। बाद में याद-ए-कैफी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। जरुरत है उन्हें सही मंच देने की और समाज को जागरुक करने की। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने समय-समय पर यह साबित किया है कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है।
उन्होंने कहा कि यूपी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और पूरे विश्व में यूपी का डंका समय-समय पर बजता रहा है। शिक्षा को सिर्फ रोजी रोटी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए बल्कि ऐसी शिक्षा अपने बच्चों को देनी चाहिए जिससे कि वे समाज की मुख्य धारा में रहकर विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम रोशन करें। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कैफी संचार भवन के चालू न होने पर उन्होंने दुख प्रकट किया और कहा कि राजनीतिक रस्साकसी के चलते आज कैफी संचार भवन अधूरा पड़ा है। जबकि मैंने सांसद रहते हुए यहां के लोगों के लिए लाखों रुपये विश्वविद्यालय को दिये थे। ऐसे में अब यहां की जनता सरकार से सवाल करें और कैफी आजमी साहब के सपनों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि जलद ही अपने गांव मिजवां में कैफी आजमी के नाम पर एक कालेज की स्थापना करुंगी। जिससे आस-पास के अशिक्षित बच्चियों कों शिक्षा के प्रति प्रेरित कर सकूंगी। पिता कैफी आजमी की शायरी देश के हर कोने में पढ़ी जाती है। इससे बहुत शक्ति और प्रेरणा जागृत होती है।
इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत सबसे पहले नफ़ीसा सिद्दीकी ने तेलावते हम्द से किया। स्वागत का मो. हसन इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य मो. नासिर ने बुकें देकर किया। शबाना के भाई बाबा आजमी का स्वागत मो. हसन पीजी कालेज के प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खां ने किया। पूर्वांचल पूर्वाचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. पीसी पातंजलि का स्वागत किया गया। मो. हसन इण्टर के बच्चों के द्वारा देशभक्ति, महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इण्टर कालेज की छात्रा अरिबा, अरिजा ने कैफी आजमी साहब की गजल को पेश किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डा. अब्दुल कादिर ने कहा कि कैफी आजमी साहब की कोई गजल व शायरी, जिंदगी पर रोशनी डाले तो वह अपनी जिंदगी में बहुत कुछ बदल सकता है। इस मौके पर महाविद्यालय के अध्यक्ष युसुफ अंसारी, डालिम्स स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. अल्का गुप्ता, डॉ. शहनवॉज, डॉ. कमरूद्दीन शेख, सुशील सिंह, डॉ. जीवन यादव, डॉ. शाहिद अलीम, अरशद कमाल, मास्टर रामदुलार, तंजीरूल रहमान, मो. जैस, अनवर अल्वी, सलाहुद्दीन फैजी, डॉ. केके सिंह मौजूद रहे। संचालन मो. अहमद एवं सहजाद आलम ने किया।