जौनपुर। 10 अगस्त 1950 को धारा 341 में धार्मिक प्रतिबंध लगाकर मुस्लिम, ईसाई, दलित व अति पछिड़ों से आरक्षण छीने जाने के विरुद्घ राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल की जिला कार्यकारिणी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री को संबोधित पत्रक सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा। जिसमें आरक्षण संबंधि धारा पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग की गई है।
जिलाध्यक्ष अंसार अहमद खान ने कहा कि आजादी का पहला उद्देश्य देश के सभी वर्गो की सामाजिक, आर्थिक व शैक्षिक विकास करने के लिए समान अवसर प्रदान करना था। बिना भेदभाव के सभी वर्गो के पिछड़ेपन को दूर करने और जीवन स्तर को उपर उठाने के लिए आरक्षण की सुविधा दी गई है, जो सदियों के अन्याय के शिकार रहे हैं। लेकिन स्वतंत्र भारत की पहली कांग्रेस सरकार द्वारा भेद भाव करते हुए आरक्षण के संबंधित धारा में धार्मिक प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देता है। पत्रक देने वालों में मौलाना हंसान अहमद काशमी, मतिउद्दीन,मौलाना मुक्तदाहुसैन, कमालुद्दीन, फेरियाज अहमद खां, मोहम्मद जाहिद सिद्दीकी, अंबरीश साहू आदि उपस्थित रहे।