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्याय के लिए सालों से दौड़ रही है पीड़ित महिलाएं

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जौनपुर। महिलाओं को कहीं से न्याय नहीं मिल रहा है। तमाम महिलाएं वर्षों से जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, महिला थाना, हेल्पलाइन और महिला समाख्या तक के चक्कर काट कर थक चुकी हैं। बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह ने सुनवाई शुरू की तो तमाम महिलाओं ने अपना दर्द कुछ इसी अंदाज में बयां किया।
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लाइनबाजार थाना क्षेत्र के हरबसपुर निवासिनी सुषमा मौर्या पत्नी सतीश मौर्या ने बताया कि पति मारता-पीटता था। वर्ष 2015 में घर से भागा दिया जाएगा। तब से वह वाजिदपुर उत्तरी स्थित अपने मायके में रह रही है। न्याय के लिए उसने जिलाधिकारी व एसपी सहित थाने पर लगभग चार -पांच बार गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। रामपुर थाना क्षेत्र के रमईपुर गोपालपुर में मायके में रह रहीरविता तिवारी ने बताया कि उसकी शादी पवांरा थाना क्षेत्र के जखनियां गांव में रमाकांत के साथ हुई है। दहेज के लिए ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। एक दिन उन्होंने उसे घर से भगा दिया। न्याय के लिए उसने थाने व महिला हेल्प लाइन 181 पर लगभग तीन से चार बार गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। खुटहन थाना क्षेत्र के इमामपुर की पूजा मोदनवाल पत्नी अनिल कुमार मोदनवाल ने बताया कि दहेज के लिए ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। वह 11 महिने से अपने मायके बरसठी थाना क्षेत्र के मियांचक हसिया में रह रही है। छह बार उसने महिला सामाख्या और थाने पर गुहार लगाई। पुलिस कुछ करती ही नहीं है। बक्शा थाना क्षेत्र के उमरसा गांव निवासिनी शांती शर्मा पत्नी राजेश शर्मा ने बताया कि दहेज की मांग को लेकर सुसराल के लोगों ने तीन साल पहले घर से निकाल दिया। मै अपने मायका सिकरारा थाना क्षेत्र के बढ़ौलीनोनियान में रहती हूं। मामले के निस्तारण के लिए मैने एसपी व थाने पर कई बार प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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