जौनपुर। मौसम में आद्रता बढ़ जाने के कारण बैक्टिरिया, फंगस और बाइरस की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में इंफेक्शन की संभावना कई गुना बढ़ा जाती है। बलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति अधिक सावधान रहने की जरूरत होती है। क्योंकि इस मौसम में प्रतिरोधक कम हो जाती है। जिसके कारम तमाम तरह की बीमारी फैलन लगती है।
वरिष्ठ चिकित्सक डा. संदीप सिंह का कहना है कि मौसम में उतार चढ़ाव के कारण पानी में इंफेक्शन बढ़ जाता है। जिसके कारण उल्टी, दस्त, सांस की बीमारी एक साथ शुरु हो जाती है। खास कर बच्चों में इस तरह की बीमारियां अधिक देखने को मिलती है। जरूरत होती है तो शुद्ध पानी की। बच्चों के देने वाले दूध में बाहरी पानी के मिलावट से परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में सभी को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। खासकर घर में साफ सफाई और कूलर के पानी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। क्योंकि अधिक समय तक पानी भरे रहने के कारण उसमें मच्छर अंडे देना शुरू कर देते हैं। मच्छरों की संख्या बढ़ने पर मलेरिया, डेंगू, मस्तिस्क ज्वर होने की संभवाना बढ़ जाती है। आसपास साफ सफाई रखने की जरूरत होती है। गड्ढों में पानी न रुकने दें। अपने साथ आसपास के लोगों भी सफाई के लिए जागरुक करना चाहिए।