सुजानगंज। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामजी पांडेय ने सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुजानगंज का औचक निरीक्षण किया। गंदगी देख कर उन्होंने अधीक्षक से एक सप्ताह में व्यवस्था सुधारने कोे कहा।
उन्होंने सबसे पहले दवा वितरण कक्ष के स्टोर रूम हाल जाना। एक ही डब्बे में कई प्रकार की दवाएं रखी थीं। चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी। सीएमओ ने फार्मासिस्ट से कहा कि यह तो कबाड़ का घर लगता है। अस्पताल के अंदर न तो सफाई की गई थी न ही पोंछा लगा था। महिला प्रसव कक्ष, एक्स-रे कक्ष, महिला शौचालय आदि का निरीक्षण किया। जहां खामियां ही खामियां मिली। दांत के डा. दूसरी मंजिल पर बैठ कर मरीज देखते थे। उन्हें नीचे के तल पर बैठकर मरीजों को देखने को कहा ताकि लोगों को पता चले कि अस्पताल में दांत के डाक्टर भी है। कमरे के बाहर नेम प्लेट भी लगाने को कहा। पूरा कोदई निवासी अविनाश तिवारी ने शिकायत किया कि पैथोलॉजी एवं एमआर के लोगों ने अस्पताल की स्थिति बदतर कर दी है। उनसे मिलकर डॉक्टर भी बाहर की दवाएं तथा जांच लिखते है। जिससे मरीजों को परेशांनी होती है। नगौली निबासी बिपिन सिंह ने कहा कि इस अस्पताल में एक महिला रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं है जिससे महिला मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। जिस पर सीएमओ ने कहा कि महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए प्रयास किया जाएगा। मरीजों की शिकायत पर जब सीएमओ ने एक्सरे कक्ष में देखा तो ताला बंद मिला। मरीजों का कहना था की एक्स-रे की जांच तो सब बाहर से ही लिखी जाती है। जो डाक्टर नियुक्त किए गए हैं वो कभी भी अपने एक्स-रे कक्ष में दिखाई नहीं देते हैं। अंदर से जांच लिखे जाने के बावजूद भी अंदर से जांच नहीं हो पाती। दो पूर्व अधीक्षक डा. आरडी. यादव तथा डा. एके सिंह जो दूसरी जगह कार्यरत है उनके बावजूद भी कमरे में ताला बंद किया है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि दोनों को नोटिस जारी किया जाए उसके बाद कार्रवाई होगी। सीएमओ ने अधीक्षक डा. पुनीत कश्यप को कहा कि एक सप्ताह के अंदर व्यवस्था सुधार लें।