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24 घंटे में दो फीट और बढ़ गया गोमती का जलस्तर ..

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जौनपुर। बारिश के चलते उफनाई गोमती नदी का जलस्तर स्थिर होने का नाम नहीं ले रहा। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर दो फीट और बढ़ गया। हालांकि शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को नदी के बढ़ाव की रफ्तार धीमी हुई ही। गोमती का जलस्तर बढने से बदलापुर तहसील के गोपालापुर, शाहपुर सानी और अहियापुर में नदी का पानी गांव का रुख कर लिया है। तीनों गांवों में करीब 20 एक़ड़ से अधिक खेतों में नदी का पानी भर गया है। हालांकि नदी का पानी अभी बस्ती से दूर है। जिला प्रशासन का दावा है कि बाढ़ से निबटने की सारी तैयारी पहले से ही कर ली गई है। अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं हा। गोमती नदी खतरे के निशान से आठ फीट नीचे है।
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गोमती नदी का जल स्तर शुक्रवार को 12 घंटे के भीतर चार फीट बढ़ गया था। शुक्रवार को सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 11 फीट था जो शाम को आठ बजे तक 15 फीट तक पहुंच गया। शनिवार को शाम आठ बजे तक नदी का जलस्तर 17 फीट तक पहुंच गया। शाहीपुल से लेकर सद्भावना पुल और शास्त्री पुल के बीच नदी के दोनों छोर पर स्थित कई मकानों के दरवाजे तक पानी पहुंच गया है। हालांकि पानी घर के पास तक पहुंचने के बाद भी लोग अभी तक घर नहीं छोड़े हैं। जिला शासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी करने का दावा किया है । एडीएम वित्त एवं राजस्व आरपी मिश्र का कहना है कि जिले के जो इलाके सबसे पहले बाढ़ से प्रभावित होते हैं वहां बाढ़ आने की स्थिति में नाव और नाविकों की सूची तैयार है। लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने के लिए जहां बाढ़ चौकियां बनानी है वे स्थान भी निश्चि कर लिए गए हैं। लेखपालों को पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बारिश के चलते तीन कच्चे मकान जमीदोज
मछलीशहर। लगातार हो रही बारिश के चलते शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार को दोपहर तक मछलीशहर के अलग अलग गांवों में तीन कच्चे मकान ढह गए। मकानों में रखा खाद्यान्न समेत गृहस्थी का अन्य सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। बरहता गांव निवासी गिरजा शंकर यादव तथा जुडऊपुर गांव के राम आसरे सरोज व जय राम कहार का कच्चा मकान ढह गया। मकान में रखा गृहस्थी का सामान, अनाज व जानवरों के लिए रखा भूसा मलबे के नीचे दबने से नष्ट हो गया। संयोग अच्छा था कि घटना के समय कोई घर में मौजूद नही था। सभी लोग बाहर सो रहे थे,नही तो बड़ा हादसा हो सकता था। गृह स्वामी ने मकान गिरने की सूचना हल्का लेखपाल व उपजिलाधिकारी को दी है। उपजिलाधिकारी जे. एन. सचान ने हल्का लेखपाल को मौके पर जाकर क्षति का आकलन करने के लिए निर्देशित किया तो लेखपाल मौके पर पहुंचे।
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