जौनपुर। शहर के दक्षिणी इलाके के कई मोहल्ले पिछले तीन महीनों से पानी की घोर किल्लत से जूझ रहे हैं। नईगंज और पालिटेक्निक कृषि मैदान में पेयजल आपूर्ति के लिए लगे तीन ट्यूबवेल मई से ही खराब पड़े हैं, लेकिन नगरपालिका प्रशासन आज तक इसकी मरम्मत नहीं करा सका। 20 मोहल्लों में करीब 50 हजार से अधिक की आबादी पानी की किल्लत से जूझ रही है। संबंधित इलाकों के सभासद और आम नागरिकों ने भी नगरपालिका प्रशासन से कई बार शिकायतें कीं लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सबसे अधिक परेशानी सुबह दफ्तर जाने वालों और स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है।
पेयजल आपूर्ति के लिए शहर के पालिटेक्निक कृषि मैदान में नगरपालिका की ओर से 10-10 हार्सपावर की मोटर वाले दो ट्यूबवेल लगाए गए हैं। यहां से सुंदरपुर, उमरपुर, अहमद खां मंडी मड़ियाहूं, पड़ाव, वाजिदपुर, कन्हईपुर, यूपी सिंह कालोनी, चांदमारी समेत आसपास के कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति की जाती है। जबकि नईगंज में लगे ट्यूबवेल से नईगंज, फैजबाग, मुरादगंज समेत आसपास के अन्य मोहल्लों में भी पानी की आपूर्ति की जाती है। तीनों ट्यूबवेल बीते मई महीने से खराब हैं। वाजिदपुर की सभासद नीशा यादव कहती हैं कि खराब पड़े ट्यूबवेल और उससे उत्पन्न पेयजल का संकट का मुद्दा बोर्ड की बैठक में भी उठाया था। आश्वासन दिया गया था कि बहुत जल्द ट्यूबवेल की मरम्मत कराकर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा लेकिन आज तक समस्या वैसे ही बनी है। अहमद खां मंडी निवासी डा. विवेक मिश्र कहते हैं कि मोहल्ले में अधिकतर घरों में नहाने धोने के लिए लोग सप्लाई का ही पानी इस्तेमाल करते हैं लेकिन तीन महीने से पानी की सप्लाई बंद होने के चलते लोग आसपास के जिन घरों में सबमर्सिबल है, वहां से या दूरदराज लगे इंडिया मार्का हैंडपंप से पानी लेकर अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। नईगंज मोहल्ला निवासी अमरावती देवी कहती हैं कि उनके आसपास के करीब 50 से अधिक घरों के बीच एक इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। यहां सुबह से ही पानी के लिए लंबी लाइन लग जाती है। पानी लेने के चक्कर में घर के अन्य कामकाज प्रभावित होता है। इसी मोहल्ले के विनय कुमार और स्वामीनाथ गौतम कहते हैं कि सुबह ही बच्चों को स्कूल भेजना होता है। इस नाते रात में सोने से पहले यह तय कर लिया जाता है कि सुबह परिवार के किस सदस्य को पानी के लिए लाइन लगाना है। शीला देवी कहती हैं कि पीने के लिए पानी खरीद लिया जाता है लेकिन नहाने और कपड़े धोने के लिए पानी दूर से लाना होता है। शौचालय के लिए भी पानी बाहर से लाकर घर में रखना होता है। तीन महीने से मोहल्लों के लोग ऐसी समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन नगर पालिका की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। नईगंज के सभासद विकास यादव कहते हैं कि खराब पड़े ट्यूबवेल की मरम्मत के लिए उन्होंने कई दफे अधिशासी अधिकारी से मिलकर शिकायत की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
जो ट्यूबवेल खराब हैं उनकी बोरिंग फेल हो गई है। नई बोरिंग के लिए जलनिगम के पास बजट नहीं है। प्रभावित इलाकों में जगह जगह मिनी ट्यूबवेल लगाने के लिए जिलाधिकारी के स्तर से अनुमति मिल चुकी है। उसका टेंडर कराकर शीघ्र ही मिनी नलकूप लगाकर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। - कृष्ण चंद्र, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका जौनपुर