सतहरिया। औद्योगिक क्षेत्र में दो पार्क स्थापित किए गए हैं। दोनों पार्कों के रख रखाव में सीडा द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है जिसके कारण पार्को की हलत दयनीय हो गई है। दोनों पार्कों में हरियाली के जगह बारिश के दिनों में जल भराव हो जाता है तथा घास फूस उग गए है। पार्क के इर्द-गिर्द तथा उसके अंदर कूड़ा करकट का ढ़ेर लग गया है। रख रखाव में नरमी बरतने तथा सिंचाई के संसाधनों का अभाव के कारण पुराने पार्क में जो पेड़ पौधे लगाए गए थे वह भी सूख रहा है। उसमें बच्चों के खेलने के लिए जो संसाधन की व्यवस्था की गई थी वह भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। नए पार्क सिर्फ चहर दिवाली बना कर छोड़ दिया गया है। पार्कों की दुर्दशा के कारण वहां लोगों का आना-जाना बहुत कम हो गया है। पुराना पार्क बच्चों के क्रिकेट खेलने का मैदान बन गया है। पार्कों के अंदर बाहर छुट्टा जानवर घूमते दिखाई पड़ते हैं। उद्यमियों ने अनेकों बार उसके सुंदरीकरण कराने के लिए लिखा पढ़ी किया किन्तु उनकी बात की अनदेखी कर दी गई।