सतहरिया/ सिकरारा। औद्योगिक क्षेत्र में सीडा कार्यालय और रीठी बाजार में जलभराव से लोगों को परेशानी हो रही है। उधर, गौराबादशाहपुर में जलभराव से लोगों का स्टेट बैंक जाना दुश्वार हो गया है।
सीडा परिसर में जलभराव से एसबीआई जाने में ग्राहकों को दिक्कत हो रही है। सीडा उद्यमी संघ के अध्यक्ष शिवाजी सिंह का आरोप है कि बीते वर्ष कराएं गए नाला व नालियों का निर्माण कार्य मानक के विपरीत हुआ है। संगठन मंत्री सुनील यादव, गुलाब पांडेय, राहुल दूबे आदि उद्यमियों का कहना है कि नियमित साफ-सफाई कराने के संबंध में ध्यान आकृष्ट कराने के बाद भी सीडा प्रशासन नहीं करा रहा है जबकि सीडा प्रबंधक स्वताभ दास रंजन का दवा ैह कि नालियों और नालों की सफाई पर 10 से 15 हजार खर्च किया जाता है।
सिकरारा बरईपार मार्ग पर भभौरी गोदाम से रीठी गडऱहा लेधुआ मार्ग पर स्थित रीठी बाजार में सड़क तालाब में तब्दील हो गी है। गांव के पूर्व प्रधान भानू यादव कहते हैं कि बाजार में सड़क के किनारे नाली नहीं होने के कारण हल्की बारिश में भी बाजार की सड़कों पर पानी भर जाता है। ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह से निवेदन के बावजूद उनकी तरफ से इस समस्या के समाधान के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि अब गाँव वाले जिलाधिकारी से मिलकर इस समस्या का समाधान के लिए ज्ञापन देंगे। रीठी से लेधुआ मार्ग पर हरिजन बस्ती के पास सड़क आधी बह चुकी है। आये दिन बाइक सवार उसमें गिर कर चुटहिल हो रहे हैं। गौराबादशाहपुर कस्बा स्थित बारी रोड पर टूटी सड़कों पर जलभराव और कीचड़ से चलना दुश्वार है। लोकनिर्माण विभाग ने एक माह पूर्व इस सड़क का एक किमी तक पैचवर्क कराया था। मगर बरसात में सारी गिट्टी बह गई। दो दिन पूर्व विभाग ने सड़क पर ईट की टुकड़े और राबिश डलवा दिया था लेकिन राहत नहीं मिली। कस्बा निवासी अमित गुप्ता, चन्द्रभान सिंह, राजेश गुप्ता आदि का कहना है की इस मार्ग का ध्यान नहीं दिए जाने से अवागमन में दिक्कत हो रही है।
बदलापुर / घनश्यामपुर। पशुचिकित्सालय घनश्यामपुर की छत जर्जर होने के कारण बारिश के दिनों में छत से पानी टपक रहा है। पशुचिकित्सक सहित फार्मासिस्ट का ऐसे समय पर अस्पताल में बैठना मजबूरी बनी हुई है। गुरुवार को बारिश के दौरान बरामदे की छत टूट कर गिर गयी। हालांकि उस दौरान चिकित्सक त्र िलोकीनाथ कुछ दूर पर बैठे थें। नही तो कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। पशुचिकित्सालय में तीन कक्ष क्रमश: पशुचिकित्सक , फार्मासिस्ट तथा स्टोर कक्ष बना हुआ है। सभी कमरों की छत से पानी टपक रहा है। पशुचिकित्सकों के आवास की भी यही स्थित बनी हुई है। सुविधा के नाम पर यहां शौचालय भी नहीं है । ऐसी समस्याओं से पशुपालक भी हलकान हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वीरेंद्र कुमार ने लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर जर्जर पशु चिकित्सालय की जांच कर अग्रिम कार्यवाही करने को कहा है। अधिशासी अभियंता के निर्देश पर सहायक अभियंता जर्जर पशु चिकित्सालय तथा पशु चिकित्सक आवास का विधिवत निरीक्षण तथा परीक्षण के बाद भवन की जांच कर उसे अनुपयोगी घोषित कर दिया।