जौनपुर। जिला सहकारी बैंक व उनकी शाखाएं जल्द ही कोर बैंकिंग सिस्टम से जुड़ जाएंगी। वर्ष 2016 में आरबीआई से दोबारा लाइसेंस मिलने के बाद कोर बैंकिंग सिस्टम(सीबीएस) से जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है। शाखाओं के सक्रिय होने के बाद साधन सहकारी समितियों के सदस्य किसानों को लोन के लेन-देन में सहूलियत हो जाएगी। अब तक सिकरारा व सुजानगंज शाखाओं की बुनियादी सुविधाएं बहाल कर दी गई हैं। शेष 19 शाखाओं को पूर्ण सक्रिय बनाने का कार्य किया जा रहा है।
वर्ष 2004 में लाइसेंस निरस्त होने के बाद जिला सहकारी बैंक और उसकी 21 शाखाएं निष्क्रिय हो गई थीं। इसके चलते साधन सहकारी समितियों के सदस्य किसानों को लोन नहीं मिल पा रहा था। वहां से किसान क्रेडिट कार्ड बनाना संभव नहीं था। इससे किसानों को परेशानी हो रही थी। शीघ्र ही इस बैंक व उसकी शाखाओं से साधन सहकारी समितियों के सदस्य किसानों को खेती करने के लिए लोन मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए उक्त बैंक व उनकी शाखाओं को पूर्ण रुप से कार्य करने के लिए वर्ष 2016 में आरबीआई ने लाइसेंस प्रदान कर दिया। इससे वे आंशिक रूप से ही कार्य कर रही थी। इसके बाद बैंक व उसकी शाखा को कोर बैंकिंग सिस्टम सहित अन्य सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इससे बैंक व उसकी शाखाएं पूर्ण रुप से सक्रिय होकर कार्य कर सके। इस दौरान जिले में जिला सहकारी बैंक सहित उसकी दो शाखा सिकरारा व सुजानगंज को पूर्ण रुप से सक्रिय बना दिया गया है। शेष 19 शाखाओं को पूर्ण सक्रिय बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसमें नेशनल बैंकों की भांति सुविधाएं उपलब्ध रहेगी।
43 समितियां है निष्क्रिय
जौनपुर। जिले में कुल 208 साधन सहकारी समितियां है। जिसमें से 165 साधन सहकारी समितियां सक्रिय है। जबकि 43 समितियां निष्क्रिय हैं। इन निष्क्रिय समितियों से संबद्ध किसानों को उर्वरक व बीज लेने के लिए पास के साधान सहकारी समितियों से संबद्ध किया गया है।
कोआपरेटिव बैंक व उसकी शाखाओं को पूर्ण रुप से कार्य करने के लिए कोर बैंकिंग सिस्टम सहित अन्य सुविधाओं से लैस करने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक जिला सहकारी बैंक और उसकी दो शाखाएं सिकरारा व सुजानगंज को उक्त सुविधाओं से लैस कर दिया गया। शेष शाखाओं को भी इस सुविधाओं से शीघ्र लैस कर दिया जाएगा। इससे साधन सहकारी समितियों के सदस्य किसानों को लोन भी मिलने लगेगा।-गणेश गुप्ता, सहायक निबंधक, सहकारी समितियां