केराकत (जौनपुर)। हड़ताल पर चल रहे अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को तहसील कार्यालय में काम कर रहे प्राइवेट कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकाल दिया। उन्हें कार्यालय में काम नहीं करने की चेतावनी दी। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नम: नाथ शर्मा व महामंत्री हीरेंद्र यादव के साथ अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए तहसील के पहले उपजिलाधिकारी न्यायालय में गए वहां काम कर रहे पांच कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद तहसीलदार न्यायिक अदालत में गए वहां एक बाहरी व्यक्ति काम करते पाया गया। उसको हटाने के बाद कम्प्यूटर खतौनी कार्यालय से 5 कर्मचारी, तहसीलदार कार्यालय में 3 कर्मचारियों को व आर के दफ्तर में कार्यरत दो लोग, रजिस्ट्री विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया।
निजी कर्मचारियों को बाहर निकालने के बाद परिसर में सन्नाटा पसर गया। तहसील में अधिकांश प्राइवेट कर्मचारियों के भरोसे ही पूरा कामकाज चल रहा है। उपजिलाधिकारी न्यायालय तो प्राइवेट कर्मचारियों के हटते ही सन्नाटा हो गया। न्यायालय को ही बंद करना पड़ा। हटाए गए कर्मचारियों में संजय यादव, तारा ,लक्ष्मन सरोज, रामेश्वर , नखड़ू, विजय यादव, वीरेन्द्र शर्मा, कैलाश राम,बनारसी आदि हैं। केराकत के अधिवक्ता लगभग डेढ़ माह से तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और अधिकारियों पर बाहरी व्यक्तियों से तहसील में काम कराने के विरोध में हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों को बाहर निकालने वाले अधिवक्ताओं में रविनाथ सिंह कौशल, महेंद्र सिंह, अवधेश यादव, देवनाथ मिश्रा ,जीत बहादुर ,रितेश श्रीवास्तव, संजय यादव आदि श मिल रहे।