जौनपुर। जन औषधि केंद्र पर सस्ती दवाएं और शल्यक्रिया के उपकरण की खरीद अभी संभव नहीं हो पा रही है। अभी केंद्र में न तो पूरी दवाएं पहुंची हैं और न ही साफ्टवेयर आया है, जिससे दवाओं की बिक्री हो सके।
अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय में 15 जुलाई को नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया था। तब दावा किया गया था कि केंद्र पर 600 से अधिक दवाएं और 150 सर्जिकल उपकरण मिलेंगे। इन दवाओं की कीमत बाजार मूल्य से 40 से 80 प्रतिशत कम होगी। मगर तीन दिन बाद भी अभी केंद्र पर दवाएं नहीं मिल रही हैं। केंद्र पर न तो दवाएं हैं और न साफ्टवेयर जिसके जरिए दवाओं की बिक्री की जानी है। दरअसल सरकार ने एक फ्रेंचाइजी को काम सौंपा है, जिसने साफ्टवेयर मुहैया ही नहीं कराया है। सीएमओ डा. रामजी पांडेय का कहना है कि जन औषधि केंद्रों के संचालन के लिए राज्य स्तर पर एक फ्रेंचाइजी को अधिकृत किया गया है। उसने जनपद स्तरीय प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को औषधियों की बिक्री के लिए कंप्यूटर साफ्टवेयर ही नहीं उपलब्ध कराया है। कोशिश की जा रही है जल्द से केंद्र का पूरी तरह से संचालन किया जा सके।