जौनपुर। लेखपालों की हड़ताल के चलते आय जाति और निवास प्रमाण पत्र के 54288 से अधिक मामले लंबित हैं। सरकार ने इन प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट लगाने के लिए राजस्व संग्रह अमीनों को अधिकृत किया था लेकिन उन्होेंने काम करने से मना कर दिया है। प्रमाणपत्र नहीं मिलने से प्रवेश, छात्रवृत्ति, नौकरियों के आवेदन आदि प्रभावित हैं।
पिछले 24 दिनों से लेखपाल राजस्व लेखपाल आंदोलन पर हैं। सख्ती बरतते हुए उनसे बस्ता वापस लेकर उनकी छुट्टी करने, निलंबित करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई लेकिन लेखपाल अपनी मांग पर अड़े हैं। सरकार और लेखपालों की आपसी लड़ाई में आमजन का नुकसान हो रहा है। तहसील और थाना दिवस के मौकों पर आने वाली शिकायतों का जहां निस्तारण नहीं हो पा रहा वहीं जिले की सभी छह तहसीलों में आय जाति और अधिवास प्रमाण पत्र के हजारों की संख्या में आवेदन डंप हैं। आय, जाति और अधिवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदनों के भारी दबाव को देखते हुए सरकार ने यह जिम्मेदारी राजस्व संग्रह अमीनों को जरूर सौंपी लेकिन अमीनों ने यह काम करने से साफ मना कर दियाष जिला प्रशासन के पास कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा है। आवेदन करने वाले लोग रोज सहज जनसेवा केंद्रों से लेकर तहसील मुख्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं।
सदर तहसील में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए कुल 11200 आवेदन लेखपालों के फोल्डर में डंप हैं। बदलापुर तहसील में कुल 34 00 प्रार्थना पत्र डम्प हैं । जिनमें आय के 1185 , अधिवास के 805 तथा जाति के 1410 आवेदन हैं। एसडीएम रमापति बिंद ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संग्रह अमीनों को लगाया गया था । किन्तु उन्होंने भी हड़ताली लेखपालों के समर्थन में प्रमाणपत्र बनाने से इंकार कर दिया । इसी प्रकार केराकत तहसील में आय प्रमाण पत्र के लिए 2490 जाति प्रमाण पत्र के लिए 3815 और निवास प्रमाण पत्र के लिए 2637 आवेदन जमा हैं। मछलीशहर तहसील में लेखपालों की हड़ताल के चलते 13हजार 797 आवेदन जमा हैं। मडियाहूं तहसील में कुल 11349 आवेदन लंबित है। यहां आय के 3834 ,जाति के 4158 तथा निवास के 3357 प्रमाण पत्र डंप हैं।
लेखपालों की हड़ताल के चलते आय, जाति और अधिवास प्रमाण पत्र तहसीलों से निर्गत नहीं हो पा रहे हैं। लेखपालों ने हड़ताल वापस नहीं ली तो शीघ्र ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।-अरविंद मलप्पा बंगारी, डीएम