मीरगंज। जंघई- जफराबाद रेलवे रुट पर सई नदी के पुराने लकड़ी के स्लीपर बदलने का काम 21 जुलाई से शुरु हो जाएगा। इस दौरान लोहे के स्लीपर लगाने का कार्य किया जाएगा। जिसके बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। लकड़ी का स्लीपर होने के कारण ट्रेनें काफी कम रफ्तार से चल रही हैं।
उत्तर रेलवे के जंघई-जफराबाद रेलवे रुट पर गोदान एक्सप्रेस, इंटरसीटी, फैजाबाद एक्सप्रेस, गाजीपुर आनंद विहार सुहेलदेव सुपरफास्ट, गाजीपुर बांद्रा एक्सप्रेस इलाहाबाद, जौनपुर पैसेंजर, आजमगढ़ एक्सप्रेस का संचालन होता है। इसी रुट पर सुदनीपुर व सलखापुर स्टेशनो के बीच सई नदी पर बने पुल संख्या 16 पर पुराने लकड़ी के स्लीपर लगे हैं। जिसके कारण सभी ट्रेने रुक कर 10 किमी किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कासन के सहारे चलाई जा रही है। जिसे गंभीरता से लेते हुए रेलवे विभाग पुराने लकड़ी के स्थान पर अब लोहे का स्लीपर लगाने का निर्णय लिया है। लोहे स्लीपर लगाने का कार्य 21 जुलाई से किया जाएगा, जो 23 जुलाई तक चलेगा। इसके बाद ट्रेनें 10 किमी. प्रति घंटे की बजाय 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। सीनियर सेक्सन इंजीनियर जंघई डीएन मिश्रा ने बताया कि जंघई- जफराबाद रेलवे रुट पर पुल संख्या 16 पर 21 से 23 जुलाई तक स्लीपर बदलने का काम किया जाएगा। स्लीपर बदलने के बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी।