फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं निकले अफसर, पालीथीन कैरीबैग में में ही लिया सामान

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
जौनपुर। पचास माइक्रॉन से पतली पॉलिथीन पर प्रतिबंध की पहले दिन ही धज्जियां उड़ाई जाती रहीं। अधिकारियों ने भी शहर में इसे रोकने की लिए कोई जहमत नहीं उठाई। रविवार को भी लोग बिना थैले के बाजार पहुंचे और कैरीबैग में सामान लेकर घर लौटे।
पालिथीन पर प्रतिबंध का पहले दिन कहीं असर नहीं दिखा। सब्जी, फल, दूध, किराना, जनरल स्टोर में खुलेआम प्रतिबंधित पॉलिथीन कैरीबैग का इस्तेमाल होता रहा। पॉलिथीन बैग में ही कूड़ा भी घरों से बाहर फेंका गया। लोग आदतन घरों से झोला नहीं लेकर निकले और दुकानदार भी उन्हें लौटाने की स्थिति में नहीं थे। दुकानों पर प्लास्टिक की गिलास भी बिकती रही। यहां तक कि भाजपा के एमएलसी विद्यासागर सोनकर के कार्यक्रम में भी पानी पीने के लिए प्लास्टिक की प्रतिबंधित गिलास का ही इस्तेमाल हुआ। प्रतिबंध का इतना असर जरूर था कि दुकानदार ग्राहकों से पहले थैला मांग रहे थे और नहीं लाने पर कैरीबैग में सामान देते वह यह हिदायत भी दे रहे थे कि भविष्य में झोला लेकर आइएगा।
विज्ञापन

खरका तिराहे पर सब्जी खरीदने पहुंची सावित्री देवी को दुकानदार ने सब्जी पॉलिथीन में ही दिया लेकिन भविष्य में थैला लाने की हिदायत भी दी। ओलंदगंज चौराहे पर फल व्यवसायी तो खुलेआम कैरीबैग में सामान बिक्री करते दिखा। वहीं एक दुकानदार बेचू ने कहा कि पॉलिथीन पर रोक लगने की बात सुनी जरूर है लेकिन ग्राहक मजबूर करता है तो क्या करें? किराना व्यवसायी अली अहमद की दुकान पर दोपहर करीब तीन बजे दस ग्राहक थे। उनमें कोई झोला नहीं लाया था। दुकानदार हिदायत के साथ उन्हें कैरीबैग में सामान देता रहा। नगर मजिस्ट्रेट योगानंद पांडेय ने कहा कि रविवार को छुट्टी होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन सोमवार से सर्च आपरेशन चालाया जाएगा।

जफराबाद में चला जागरुकता अभियान
जफराबाद। रविवार को दोपहर नगर पंचायत कार्यालय के लिपिक राजमन के नेतृत्व में नगर पंचायत कर्मियों ने रैली निकालकर पालीथीन पर लगे प्रतिबंध के लिए लोगों को जागरुक किया। पॉलिथीन कोई नहीं है शान, मिटा दो उसका नामोनिशान। ऐसे स्लोगन लिखी तख्तिया लेकर कर्मचारियों ने पूरे नगर का भ्रमण किया। दूकानदारों को चेतावनी दी गई कि पॉलीथिन का प्रयोग नहीं होना चाहिए। पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


पर्यावरण में जहर घोल रहा पालिथीन
जौनपुर। पॉलीथिन सिरदर्द बन गया है। नष्ट न होने के कारण यह भूमि की उर्वरा क्षमता को खत्म कर रहा है। चिकित्सक डा. विवेक कुमार मिश्र का कहना है कि पॉलिथीन का कचरा जलाने से कार्बन डाईऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड एवं डाईऑक्सींस जैसी विषैली गैस उत्सर्जित होती हैं। इनसे सांस, त्वचा आदि की बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है। प्लास्टिक के ज्यादा संपर्क में रहने से लोगों के खून में थेलेट्स की मात्रा बढ़ जाती है। इससे गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे शिशु का विकास रुक जाता है और प्रजनन अंगों को नुकसान पहुंचता है।


डॉ. विवेक कुमार मिश्र
वरिष्ठ चिकित्सक
कोट:
पॉलिथीन सीवर जाम का सबसे बड़ा कारण है। यह नालियों से होता हुआ सीवर में जाकर जमा हो जाता है। इससे गंदे पानी का बहाव बाधित होता है।
कृष्णचंद्र-अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका जौनपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें