जौनपुर। किसानों की आय दो गुना करना सरकार का मकसद है। इसके लिए उनको बागवानी से भी जोड़ा जाएगा। यह बातें उद्यान विभाग की ओर से रविवार को कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में एकीकृत बागवानी मिशन के तहत दो दिवसीय किसान गोष्ठी के पहले दिन कई गईं। किसानों को उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई और उन्हें उसका लाभ उठाने को कहा गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव व जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा ने किया। राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने किसानों की उन्नति के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। हमारा मानना है कि जब किसान मजबूत होगा तभी देश भी मजबूत रहेगा। इसका मकसद किसान की आय दो गुना करना है। भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने कहा कि किसानों को उद्यान लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ लेना चाहिए।
जिलाधिकारी ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना, पीएम कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अलावा उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। किसानों से इनका लाभ लेने को कहा। उद्यान विभाग को योजनाओं का प्रचार करने और किसानों को उनका लाभ दिलाने को कहा। उप कृषि निदेशक जय प्रकाश व उप निदेशक उद्यान मुन्ना यादव ने कहा कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना आवश्यक हैं। किसान विभाग में आकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावां कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के वैज्ञानिक डा.सुरेश कुमार कन्नौजिया, डा.संदीप, डा.सुरेंद्र सोनकर व डा.रजनीश सिंह ने भी गोष्ठी को संबोधित किया। गोष्ठी में जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार चौबे, उद्यान अधिकारी हरिशंकर सहित किसान उपस्थित रहे।
जैविक खाद व कीटनाशक बनाना सिखाया
करंजाकला। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान की ओर से रविवार को करंजाकला, नदिया पारे और छविलेपुर गांवों में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को जैविक खाद व कीटनाशक बनाना सिखाया गया।
संस्थान के डा. जेपी वर्मा ने कहा कि जैविक उर्वरक एवं जैविक कीटनाशक के प्रयोग से 25 से 30 प्रतिशत की उत्पादन में वृद्धि होगी। जैव उर्वरक के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। संस्थान की ओर से ऐसे उर्वरक किसानों क उपलब्ध कराए जा रहे हैं और उनको बनाना सिखाया भी जा रहा है। जैविक खाद का इस्तेमालगेहूं के अलावा धान, चना, मटर, अरहर, मक्का, सरसों और सब्जियों की फसलों में किया जा रहा है। इसमें बीज, पौधों की जड़ों कंद और मिट्टी का उपचार किया जाता है। सह संचालक डा. पीसी अभिलाष ने कहा कि जैविक खाद और कीटनाशक बनाने का तरीका सिखाया। गोष्ठी में ग्राम प्रधान राजेश यादव, लालजी यादव, जंगबहादुर यादव, बसंतू, जितेंद्र, बरैगी सोनकर, अनिल कुमार, बाकेलाल, कलावती देवी, राकेश पाडेय, प्रमिला देवी व शंकर प्रजापति आदि किसान मौजूद रहे।