जौनपुर। बिना मान्यता के चल रहे विद्यालयों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने गुरुवार को अभियान शुरू कर दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की अगुवाई में गठित टास्क फोर्स ने सोंधी (शाहगंज) विकास खंड में ताबड़तोड़ तीन विद्यालयों पर छापेमारी की। बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों को बंद करा दिया गया। दोबारा विद्यालय खुलने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई। यहां पढ़ाई करने वाले छात्रों का दाखिला नजदीक के परिषदीय विद्यालयों में करा दिया गया। एक विद्यालय के प्रबंधक को बीएसए ने गाड़ी में बैठा लिया। वह मौका पाते ही गाड़ी से कूदकर भाग गया। इस कार्रवाई से बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों में हड़कंप मच गया है।
बीएसए डा. राजेंद्र सिंह गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव के साथ कक्षा एक से हाईस्कूल तक संचालित बिना मान्यता वाले विद्यालयों पर छापेमारी की। सबसे पहले वह खेतासराय स्थित रेडियंत पब्लिक स्कूल पर पहुंचे। यहां एक से लेकर नौवीं कक्षा तक बिना मान्यता के स्कूल चल रहा था। बीएसए ने सभी क्लास की वीडियोग्राफी कराई। प्रबंधक मनोज यादव को नोटिस जारी कर विद्यालय को बंद करा दिया। यहां कक्षा नौ के छात्रों की क्लास पेड़ के नीचे चल रही थी। इस विद्यालय में पढ़ाई करने वाले बच्चों का दाखिला पास के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल में करा दिया गया। प्रबंधक को चेतावनी दी गई कि अगर दोबारा जांच में स्कूल खुला पाया गया तो उनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। खेतासराय के डोभी मोहल्ले में स्व. जेपी यादव इंटरमीडिएट कालेज में एक से लेकर 12वीं तक क्लास चल रही थी। यहां प्राइमरी क्लास की मान्यता नहीं है। एक ही परिसर में प्राइमरी से इंटर तक की क्लास चल रही थी। बीएसए ने प्राइमरी सेक्शन को बंद करा दिया। टास्क फोर्स यहां से कल्पादेवी पूर्व माध्यमिक विद्यालय रसूलपुर शाहगंज पहुंची। यहां भी एक से आठवीं तक की क्लास बिना मान्यता के चल रहे रही थी। यहां के प्रबंधक को बीएसए ने गाड़ी में बैठा लिया लेकिन मौका पाते ही वह गाड़ी से कूदकर भाग गया। मौके पर मौजूद टीचर मनोज कुमार और सीमा देवी को कल से स्कूल नहीं आने का निर्देश दिया गया। यह विद्यालय बांस बल्ली के सहारे लगे टीनशेड में चल रहा था। अभियान में एबीआरसी धर्मेंद्र सिंह, एमडीम सेल के जिला कोआर्डिनेटर अरुण कुमार मौर्य भी शामिल रहे।
जिले के सभी विकास खंडों में अभियान चलाकर अमान्य विद्यालयों को बंद कराया जाएगा। बंद कराने के बाद भी विद्यालय खुले पाए गए तो संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। - डा. राजेंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी