मीरगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मीरगंज पर मंगलवार को धरना प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य सेवा शुरू हो गई। स्वास्थ्य सेवा शुरू करने की मांग को लेकर मंगलवार को सुबह सामाजिक कार्यकर्ता जज सिंह अन्ना धरने पर बैठ गए। सुचना मिलने पर मछलीशहर स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक रफीक फारुकी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जज सिंह से ज्ञापन लेकर बताया की यहां डाक्टरो की नियुक्ति पहले कर दी गई है। अब स्वास्थ्य सेवा शुरू हो जाएगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मीरगंज का निर्माण 2008 में कराया गया था। इस तीस बेड के अस्पताल में काफी दिनों तक चिकित्सक की ही नियुक्ति नहीं हुई। एक डाक्टर की तैनाती की गई थी लेकिन अन्य स्टाफ नहीं होने के कारण वह भी कभी नहीं आए। मंगलवार को जज सिंह, मुकुंदी लाल, सुरेश पाण्डेय, प्रांजल सिंह, सविन्द, रविशंकर सोनी, पन्ने दुबे व मुकुंदी सिंह के साथ अस्पताल की मेन गेट पर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर सीएचसी मछलीशहर के अधीक्षक रफीक फारुकी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया की अस्पताल पर चिकित्साधिकारी संजय सिंह पटेल, फार्मासिस्ट नरसिंह यादव, सुशील त्रिवेदी व वार्ड ब्वाय कमनेंद्र जमाल अंसारी को नियुक्त कर दिया गया है। दोपहर एक बजे सीएमओ जौनपुर डा. रामजी पाण्डेय मौके पर पहुंच गए। उन्होने जुस पिलाकर अन्ना का अनशन खत्म कराया। अनशन खत्म होेने के बाद ओपीडी शुरू हो गई।
पहले दिन 75 मरीजों की जांच
मीरगंज। कई वर्षो से डाक्टरों के बिना बदहाल स्थिति में पड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर मंगलवार से उपचार शुरू हो गया। पहले ही दिन 75 मरीज देखे गए। मीरपुर गांव की सोनी पत्नी दिलीप बनवासी की डिलवरी कराई गई। वैसे तो स्वास्थ्य केन्द्र बनकर पहले से तैयार है। पर डाक्टरों के रहने के लिए आवास पूरी तरह तैयार नहीं है। मेन गेट भी नहीं लग पाया है। जिसे दस दिन के अन्दर ठीक कारने का भरोसा सीएओ ने दिलाया है।