जौनपुर। नेशनल इंवेस्टिगेशन मानिटरिंग कमेटी की दिल्ली से आई पांच सदस्यीय टीम ने मंगलवार को चार अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापामारी की। टीम ने जिला अस्पताल में भी पड़ताल की। छापा की सूचना पर जिले भर में के पैथालॉजी और अल्ट्रासाउंड संचालकों में अफरातफरी मची रही। खामियां मिलने पर पालवी अल्ट्रासाउंड सेंटर और मां गायत्री अल्ट्रासाउंड सेंटर को सीज कर दिया गया।
जिले में 20 से अधिक अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं। तमाम केंद्रों पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं तैनात है। टेक्निशियन ही जांच करते हैं और कहीं और तैनात चिकित्सक से रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं। इसके अलावा कुछ केंद्रों पर लिंग परीक्षण की भी शिकायत की गई थी। ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली से पांच सदस्यीय टीम मंगलवार को जिले में आई। प्रभारी डिप्टी सीएमओ डा. आईएन तिवारी, सीओ सिटी नृपेंद्र और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ टीम ने छापामारी शुरू की। सबसे पहले जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र का निरीक्षण किया। इसके बाद ईशा हॉस्पिटल, पालवी और मां गायत्री अल्ट्रासाउंड सेंटर का निरीक्षण किया। यहां अभिलेखों में कमियां पाए जाने पर दो सेंटरों को सीज कर दिया और एक को चेतावनी दी। दिल्ली से आए टीम के सदस्यों ने कहा कि जो भी कमियां पाई गई है उसे स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंप दिया जाएगा। मंत्रालय अपने स्तर से अन्य कार्रवाई करेगा। प्रसव पूर्व निदान तकनीकी अधिनियम के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर गर्भवती महिला की हर जांच का विवरण निर्धारित प्रपत्र पर भरना जरूरी है। जानकारी मिली है कि जिन दो केंद्रों को सीज किया गया है, उनके यहां मशीनों के लाइसेंस और प्रपत्र भरने में खामियां पाई गई हैं।