जौनपुर। शासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 120 शिक्षकों की नियुक्ति मनमाने तरीके से की गई थी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने गड़बड़ी मिलने पर उनका वेतन रोक दिया है। इससे खलबली मच गई है। अध्यापकों की नियुक्ति पहले के दो जिला विद्यालय निरीक्षकों के कार्यकाल में की गई थी।
शासकीय प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रबंधकों ने पद खाली होने पर पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक भाष्कर मिश्र ने 18 और उमेश चंद्र शुक्ल ने 102 अध्यापकों की तैनाती की थी। इनकी नियुक्ति एक सत्र के लिए की जानी चाहिए लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षकों ने आयोग से अध्यापक आने तक के लिए नियुक्ति कर दी थी। मामला प्रकाश में आने पर शासन से जांच बैठ गई। वाराणसी मंडल के संयुक्त निदेशक शिक्षा को जांच सौंपी गई है। नए जिला विद्यलाय निरीक्षक ने ऐसे अध्यापकों का वेतन रोक दिया है। इससे विभाग में खलबली मच गई है। वर्ष 2011 से लेकर 2018 के बीच प्रबंधतंत्र ने इन अध्यापकों की नियुक्ति की था।
जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जीरकपुर में तीन, सर्वोदय विद्यापीठ इंटर कालेज मीरगंज में तीन, द्वारिका प्रसाद इंटर कालेज दशरथपुर में पांच, पंचायत विद्या मंदिर भटहर में चार, सार्वजनिक इंटर कालेज गोहका में तीन, स्वामी कृष्णानंद इंटर कालेज बिलवार में दो, दुर्गदेव जनता इंटर कालेज में दो, नेशनल इंटर कालेज पट्टीनरेंद्रपुर में तीन, श्री सुंदर साव इंटर कालेज कमलानगर में तीन, समाजवादी इंटर कालेज गंभीरन में तीन, अकबाल इंटर कालेज सूरतपुर पेशारा में दो, राष्ट्रीय इंटर कालेज महरेव पूरेव में छ:, आदर्श इंटर कालेज मुरारा में दो, श्रीमती धर्मराजी देवी गंगा प्रसाद सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खुइरी में छ:, आदर्श इंटर कालेज इटाए में दो, रामजानकी दिनकर इंटर कालेज जमालापुर में नौ, कल्याण इंटर कालेज दिलावर मड़ियाहूं में सात, सहदेव इंटर कालेज भोड़ा में तीन, बीएनबी इंटर कालेज मड़ियाहूं में एक, पंचायत राज इंटर कालेज मोकलपुर में दो, ग्रामोदय इंटर कालेज गौराबादशाहपुर में पांच, जनता इंटर कालेज खपरहां में पांचमहाराणा प्रताप इंटर कालेज रामदयालगंज में चार, सरस्वती बाल मंदिर इंटर कालेज जौनपुर में तीन, राजकीय इंटर कालेज सिरसी बरईपार में चार, श्रीराम इंटर कालेज रीठी में चार, जनक कुमारी बाल शिक्षा इंटर कालेज में तीन, तिलकधारी सिंह इंटर कालेज में एक, मुक्तेश्वर प्रसाद बालिका इंटर कालेज में दो आदि विद्यालयों में अध्यापकों की नियुक्तियां की गई है।
शासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में जो नियुक्तियां हुई है। उसका भुगतान हाईकोर्ट के निर्देश पर किया जा रहा था। चूंकि नियुक्तियां एक सत्र के लिए ही मान्य हैं। ऐसे में सत्र बीतने के बाद वेतन 120 अध्यापकों का रोक दिया गया है।-डा. ब्रजेश मिश्र, डीआईओएस