जौनपुर। जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति चौपट है। पुलिस पीड़ितों की सुनती नहीं रही है। लूट, हत्या, रंगदारी मांगने के मामले में बढ़े हैं। अफसर आमजन की क्या सुनेंगे जब जनप्रतिनिधियों की ही नहीं सुनते। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में विधायकों और सांसद ने शिकायतों की झड़ी लगा दी। इस पर जिले की प्रभारी मंत्री डा. रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत करेंगी। बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की मुख्यालय से संबद्धता खत्म करने उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजने का निर्णय लिया गया
बैठक शुरू होते ही सांसद रामचरित्र निषाद ने कहा कि पुलिस मनमाने तरीके से काम कर रही है। खुलेआम लूट हो रही है। डाक्टर तक से रंगदारी की वसूली कर ली गई। डा. जोशी ने कहा कि यह चिंता का विषय है और वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस एवं समाधान दिवस पर आने वाले फरियादियों की सूची तैयार की जाए और जांच की जाए कि क्या वे दोबारा शिकायत करने तो नहीं आ रहे हैं। पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने कहा कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार मातहतों पर दबाव बनाए हुए हैं। मगर जफराबाद विधायक डा. हरेंद्र सिंह ने कहा कि चौपाल में ग्रामीणों ने सबसे अधिक शिकायत पुलिस की मनमानी और आवासों में वसूली की है। इसकी जांच होनी चाहिए। नेताओं ने कहा कि अफसर जनप्रतिनिधियों की नहीं सुनते हैं और आम आदमी की क्या सुनते होंगे।
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने 12 अप्रैल की बैठक के निर्णयों के अनुपालन की रिपोर्ट पेश की। विभिन्न योजनाओं के प्रगति की जानकारी दी। अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि दीनदयाल ग्राम्य ज्योति योजना के तहत 281 मजरों में तार व खंभे लगाए जा चुके हैं लेकिन स्थानीय विवाद के जरिए ऊर्जीकृत नहीं किया जा सका है। उन्होंने काम पूरा करने के लिए एक महीने का समय मांगा। जनप्रतिनिधियों ने पोल और तार बेचे जाने का आरोप लगाया। विधायक मुंगराबादशाहपुर सुषमा पटेल ने सुजानगंज में बारी नहर की पट्टी पर बनी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाया और कहा कि अफसर नेताओं की शिकायतें नहीं सुनते हैं। प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी को जांच कराकर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
जौनपुर। स्वास्थ्य विभाग में 22 कर्मचारियों ने मुख्यालय पर संबद्धता करा ली है। यह मुद्दा भाजपा नेता समशेर सिंह ने सवाल उठाया। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि 22 लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों को उनके दफ्तर और जिला अस्पताल में संबद्ध किया गया है। प्रभारी ने कहा कि संबद्धता समाप्त कर सभी को पीएचसी पर भेज दें। विधायक केराकत दिनेश चौधरी, विधायक जफराबाद डा. हरेंद्र सिंह, मड़ियाहूं लीना तिवारी, मुंगराबादशाहपुर विधायक सुषमा पटेल, सांसद मछलीशहर रामचरित्र निषाद, राज्यमंत्री प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय, समशेर सिंह, सीडीओ आलोक सिंह, एडीएम आरपी मिश्रा, डीडीओ दयाराम, कमलेश सोनी, अरविंद सिंह, रामदरश यादव, विद्युत एससी सोनोदिया, डॉ. राजेंद्र प्रसाद आदि उपस्थित रहे।