जौनपुर। बिजली कटौती को लेकर जिले वासी पूरी तरह परेशान हैं। इसका प्रमुख कारण ट्रांसफार्मरों का जलना है। अधिकांश जगहों पर काफी समय से जले ट्रांसफार्मर बदले ही नहीं जा रहे हैं जिससे परेशानी बढ़ती ही जा रही है। तापमान का अधिक होना और हवा के ठप रहने से जन जीवन बेहाल है। कई मोहल्ले में लोग करीब एक पखवारे से विद्युत कटौती का दंश झेल रहे हैं। लोगों का कहना रहा कि अधिकारियों के आवास की तरफ जले ट्रांसफार्मर तो चार से पांच घंटे में विद्युत विभाग बदल देता है जबकि अन्य स्थानों पर बदलने में एक पखवारे से एक माह तक का समय लगा देता है।
एसपी आवास के निकट अनुपम कालोनी में लगा ट्रांसफार्मर बुधवार की रात जल गया। राज कालोनी के पास लगे ट्रांसफार्मर में आग लग गई। इन दोनों स्थानों पर बिजली विभाग ने महज चार घंटे में बिजली व्यवस्था बहाल करा दी। डेरा यूसुफ मोहल्ले में पिछले 13 दिनों पूर्व लगाया गया ट्रांसफार्मर तुरंत खराब हो गया। अब तक नहीं बदले जाने से मोहल्ले में लगातार बिजली का संकट बना हुआ है। मोहल्ले वासियों का कहना रहा कि आन लाइन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने बिजली विभाग से इसे बदलने के लिए शिकायत दर्ज कराई लेकिन प्रयास निरर्थक रहा। विभाग 100 केवीए का ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं होना बता रहा है। गर्मी की वजह से फाल्ट भी बढ़ता जा रहा है। वहीं लो वोल्टेज कोढ़ में खाज का काम कर रही है।
सुईथाकला। बिजली बिभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की मनमाने रवैये के चलते किसान, छात्र, व्यापारी समेत आम उपभोक्ता परेशान हैं। लोगों ने बिजली कटौती से परेशान होकर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। पावर हाउस सुईथाकला से संचालित फीडर अरसिया, विश्व बैंक, डेहरी, अमारी के उपभोक्ताओं को चौबीस घंटे में सिर्फ दो से तीन घंटे बिजली मिलने से किसानों की सब्जियां, धान की नर्सरी, गन्ना, मक्का की फसल सूख रही है। व्यापारियों के काम रुके पड़े है। विभागीय अधिकारी कर्मचारी ऊपर से सप्लाई कटौती की बात कहकर मामला टाल देते हैं। समाजसेवी डा. सुधांशु तिवारी ने सुईथाकला को शाहगंज से दी जाने वाली सप्लाई शासन की मंशा के अनुसार 18 घंटे बहाल करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर लखनऊ-बलिया राज्य मार्ग जाम करने की चेतावनी दी।
मीरगंज। मछलीशहर से जंघई आने वाली 33 हजार केवी बिजली के फीडर के ब्रेकर में खराबी होने से जंघई फीडर को तकरीबन छह घंटे बिजली नहीं मिली। इससे असवा, गोपालपुर, सेमरी, ब भनियांव, चौकीकला, मोलनापुर, गरियांव, चकिया, गोधना, चितांव, भटेवरा, उचडीह लासा, अदारी, कठार, जगदीशपुर, अमारा, बसढुआ, माधोपुर, इमिलिया, रामपुर खुर्द, गुरगुजी, भिदुना, अगहुआ, सवैया, चौधरीपुर, भटहर, देवापुर, सरायदेवा, अलापुर, हवैली, अमाई, गोपपुर, मीरपुर, मीरगंज, करियांव, जरौना, कसेरवा, बसेरवा, अमाई समेत 72 गांवों के लोग बिलबिला उठे। बाद में जो बिजली आई भी तो लो वोल्टेज की वजह से पंखे नहीं चल सके। एसडीओ मछलीशहर अमर सिह पटेल का कहना रहा कि ब्रेकर की खराबी से सप्लाई बाधित रही।
गर्मी में बिजली की खपत बढ़ गई है। जिसकी वजह से फाल्ट बढ़े हैं। ट्रांसफार्मर अधिक लोड की वजह से जल रहे हैं। तत्काल बदलने का प्रयास जारी है। - एके मिश्र, अधीक्षण अभियंता