जौनपुर। पिछड़ा वर्ग कल्याण, वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष बाबूराम निषाद ने रविवार को निरीक्षण भवन में पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम द्वारा वितरित कर्ज एवं मार्जिनमनी की समीक्षा बैठक किया। उन्होंने कहा कि कर्ज का भुगतान न करने वाले लाभार्थियों से वसूली की जाए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि निगम की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। निगम की स्थापना 1991-92 में की गई थी। पिछडे़ वर्ग के गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को छोटे-छोटे लोन कम ब्याज पर देकर रोजगार के अवसर प्रदान करना ही निगम का उद्देश्य है। पिछली सरकारों ने इसकी उपेक्षा की गई थी। वर्तमान में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम को 61 करोड़ रुपये वापस करने हैं। ऐसा नहीं होने पर निगम डिफाल्टर हो जाएगा और किसी की मदद नहीं कर पाएगा। मुख्यमंत्री ने धनराशि देने पर सहमति जताई है। एक जिला, एक उत्पाद योजना शुरू करके गांवों का पलायन रोका जा सकती है। शहरी गरीबों का जीवन स्तर सुधारा जा सकता है। निगम इसके लिए आसान लोन प्रदान करेगा। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार मौर्या, भाजपा के पुष्पराज सिंह, राजेश श्रीवास्तव उर्फ बच्चा भैया, अभय राय , मनोज निषाद, महेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।