जौनपुर। सरकार के फसली ऋण माफी योजना से जिले के तमाम किसान वंचित रह गए थे। इन किसानों से लगातार बैंक वसूली के लिए दबाव बनाए थे। इस पर किसानों ने आपत्ति जताई थी। अब वंचित रह गए 18 हजार 500 और किसानों का ऋण माफ करने का रास्ता साफ हो गया है। बैंकों ने इसके लिए धन की मांग की है। जिले में फसली ऋण माफी योजना के तहत 98,831 किसानों का ऋण माफ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चरणवार कर्ज माफी की गई। सात चरणों में अब तब कुल 66 हजार किसानों का तीन अरब 56 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया। अब कृषि विभाग द्वारा 18500 किसानों चिह्नित किया है, जिनके कर्ज माफ होने चाहिए लेकिन नहीं हुए। इसमें 11, 500 ऐसे किसान हैं, जिनके पात्र होने के बाद भी कर्ज माफ नहीं हुआ तो उन्होंने विभाग में शिकायत की थी। अन्य सात हजार किसानों के खाते तो एनपीए हो चुके थे। उनका खाता तीन साल से कर्ज बकाया होने के कारण बंद कर दिया गया था। इन किसानों के ऋण संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन बैंक व तहसील से कराया जा चुका है। अब कृषि विभाग कर्ज माफी के लिए सरकार से धन मांगने की तैयारी कर रहा है। आकलन किया जा रहा है कि कितने रुपये की जरूरत इनके कर्ज माफी के लिए होगी।