जौनपुर। नगर पालिका परिषद के सभासद शुक्रवार पालिका प्रशासन पर विकास कार्यों को ठप करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। महिला सभासदों ने पालिकाध्यक्ष को चौका बेलन सौंपा और घर जाने की सलाह दी। हंगामे के कारण चार बिंदुओं पर होने वाली बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका।
नगर पालिका परिषद बोर्ड की शुक्रवार को होने वाली बैठक में एसडीएम प्रियंका प्रियदर्शिनी और अध्यक्ष माया टंडन पहुंचीं। कर्मचारियों की आउट सोर्सिंग, दीन दयाल योजना समेत चार बिंदुओं पर निर्णय लेने के लिए होने वाली चर्चा पर बैठक शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही सभासदों ने बीते 28 मई को 101 निर्माण कार्य का टेंडर निरस्त किए जाने के संबंध में पूछताछ की। जवाब नहीं देने पर सभासदों ने हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। सभासद रेनू पाठक, ललिता देवी, बिंदु यादव, किरण प्रजापति, निशा सोनकर, अंजू सिंह आदि चौका-बेलन लेकर अध्यक्ष के पास पहुंच गई और उन्हें देकर घर जाने के लिए कहने लगीं। सभासदों का कहना रहा कि बोर्ड की बैठक हर माह नहीं होने के साथ ही कार्यवृत्ति में एकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, वहीं दीन दयाल योजना के साढ़े पांच करोड़ का टेंडर नहीं कराया जा रहा है। कहा कि 27 कर्मचारी अध्यक्ष, ईओ और अन्य लोगों की चाकरी कर रहे हैं। भूंदराशाह बाबा के पास निर्मित पानी का ट्यूबेल से सप्लाई शुरू नहीं हुआ है जिससे पानी की किल्लत शहर में बनी हुई है। छह माह से विकास कार्य अवरुद्घ है। 20 मिनी ट्यूबवेल के निर्माण का मामला अधर में लटकने, एलईडी लाइट लगवाने में घोटाला आदि का जवाब नहीं मिलने पर सभासद धरने पर बैठ गए। अध्यक्ष और एसडीएम ने मनाने का प्रयास किया लेकिन सभासद अड़े रहे। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका कृष्ण चंद्र का कहना रहा कि सभासदों के बहिष्कार की वजह से बैठक में किसी बिंदु पर निर्णय नहीं हो सका।