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प्रदूषण ने हवा और पानी में घोल दिया जहर

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कूड़े से उठता धुआं
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जौनपुर। औद्योगिक विकास और शहरी करण के कारण प्रदूषण की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। जल प्रदूषण के कारण जहां लोग पेट संबंधी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। शहरी इलाके में पानी का टीडीएस इतना अधिक है कि पानी पीने लायक नहीं रह गया है। वहीं ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण के कारण लोगों में तनाव और सांस की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या सड़क के किनारे बसे लोगों में अधिक देखने को मिल रही है।
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वायु प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों (दमा) की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. वीेएस उपाध्याय के कहना है कि प्रदूषण के कारण दमा के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यदि हालत यही रही तो समस्या गभीर हो जाएगी। सड़क पर दिन भर वाहनों की भीड़ के चलते वाहनों के धुए के विषैली गैस निकलकर पर्यावरण में फैल रही है। जिसका मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा। पर्यावरण विंद डा. डीपी उपाध्याय का कहना है कि प्रदूषण के चलते पर्यावरण का ढांचा ही पूरी तरह से बिगड गया है। जिसका मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण के कारण पृथ्वी का ताममान बढ़ता जा रहा है। ओजोन परत को भी खतरा बढ़ता जा रहा है। गर्मी बढ़ने के कारण ग्लैसियर का इलाका प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों की उदासीनता, लोगों में जागरूकता की कमी और उद्यमियों की लापरवाही ने जौनपुर की आबोहवा में जहर घोल दिया है। पानी से लेकर हवा तक प्रदूषित हो चुकी है। गांवों में पानी पीने योग्य नहीं रह गया है, शहर में सांस लेना मुश्किल हो गया है। जिम्मेदारी अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। प्रदूषण ने लोगों की सेहत को प्रभावित कर दिया है। उद्योगों से निकल रहे काले धुएं और वाहनों से निकलने वाली कार्बन डाई ऑक्साइड ने हवा को प्रदूषित बना दिया है। लोग प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं, जिससे न सिर्फ कैंसर, बल्कि दमा, अल्सर और विकलांगता के शिकार हो रहे हैं। ईट भट्ठों की चिमनियों से निकल रहे केमिकल रहा धुंआ नदियों में प्रदूषण के चलते समस्या बढ़ती जा रही है। पानी में प्रदूषण इस कदर बढ़ रहा है कि जमीन के अंदर 150 फिट नीचे बोर वाले इंडिया मार्का टू हैंड पंप का पानी भी पीने लायक नहीं रह गया है। गोमती नदी में टीडीएस 300 के स्तर तक पहुंच गया है। जब कि पिछले साल जल निगम की ओर से इंडिया मार्क हैंड पंप से लिए पानी के सैंपल की जांच हुई तो पता चला की पानी में कई हानिकारक तत्व मौजूद हैं।
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