स्थानीय थाना क्षेत्र के वीरभानपुर गांव में बुधवार की रात आए पिकअप सवार पशु तस्कर दरवाजे के सामने बंधी अनिल यादव की भैंस खोलकर पिकअप पर लाद लिए। परिवार के लोगों ने शोर मचाया तो तस्करों ने पथराव कर दिया। जिसमें अनिल यादव की मां इंद्रावती देवी घायल हो गई। उन्हें पीएचसी बक्शा में भर्ती कराया गया है। उधर सूचना पर पुलिस ने पीछा किया तो शिवगुलामगंज के पास तस्करों ने पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और पथराव भी किया। थानाध्यक्ष समेत थाने की फोर्स 15 किलोमीटर तक तस्करों की गाड़ी का पीछा करती रही लेकिन पुलिस तस्करों का बाल भी बांका नहीं कर सकी। हमजापुर गांव में सड़क किनारे पिकअप लावारिश हाल में मिली। उसमें भैंस नहीं थी। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में जे लिया है।
वीरभानपुर गांव निवासी अनिल यादव के परिवार के लोग रात में करीब एक बजे सो रहे थे। उसी दौरान छह की संख्या में पिकअप सवार तस्कर उनके दरवाजे पर पहुंचे और घर के सामने बंधी उनकी भैंस खोलकर लादने लगे। अनिल यादव की मां इंद्रावती की नींद खुली तो उन्होंने देखा उनकी भैंस को पिकअप में लादा जा रहा है। उन्होंने शोर मचाया तो तस्करों ने उनपर पत्थर बरसाए। पत्थर लगने से वह घायल हो गई। सूचना पुलिस कंट्रोल को दी गई। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार यादव खुद गश्त पर थे। सूचना मिलते ही वह हाईवे पर घेराबंदी करवाए और थाने से पुलिस फोर्स भी बाइक से निकल कर घेराबंदी कर ली। शिवगुलामगंज रेलवे क्रासिंग के पास पुलिस ने पिकअप सवार तस्करों को रोकने की कोशिश की तो पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई। थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिस के जवानों ने बाइक और जीप से पीछा करना शुरू किया। तस्कर छंछा पुल के रास्ते कंरंजाकला इलाके की ओर भाग रहे थे। पुलिस टीम जब पिकअप के करीब पहुंचने को होती तो उसमें सवार तस्कर पथराव कर देते। पुलिस के पीछा करने के बाद भी पुलिस की आंख से ओझल हो गए। हमजापुर गांव के पास सड़क किनारे उसी पिकअप को लावारिश हाल में पाया गया। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में ले लिया है।