मीरगंज। जंघई रेलवे स्टेशन पर रेल दोहरीकरण होने के कारण ट्रेनों के निरस्त रहने से जंघई स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ है। यात्री सिर्फ टिकट वापस करने पहुंच रहे हैं। तीन दिन में अब तक लगभग तीन लाख रुपये का टिकट वापस हो चुका है। टिकट वापस करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
वाराणसी -प्रतापगढ रेलवे रुट पर 2011 से ट्रैक दोहरीकरण का कार्य चल रहा था। जिसके तहत सुरियावा से भदोही व जंसा से लोहता के बीच एक साल पहले ही दोहरीकरण का काम पुरा हो चुका है। अब जंघई से सुरियांवा स्टेशन के बीच एक माह पहले दोहरीकरण का काम पुरा हुआ था। इसके बीच पडने वाले स्टेशन जंघई, सरायकंसराय, सुरियांवा को जोडने के लिए 27 मई से 2 जून तक काम चल रहा है। जिसके कारण इस रुट पर चलने वाली कई ट्रेने निरस्त हो गई हैं। ट्रेनो के आवागमन बंद होने से जंघई स्टेशन पर सन्नाटा पसर गया है। सिर्फ देर शाम कामायनी के निकलने के समय ही यात्री स्टेशन पहुंच रहे है। इस बीच तीन दिन में लगभग तीन लाख रुपये का टिकट वापस हो चुका है। मडियांहू के अरुण कुमार, मछलीशहर के मोहम्मद जैद, बरसठी के राजकुमार, मीरगंज से सोनू सिंह ने बताया कि तीन माह पहले टिकट लिया था। अब अचानक कैंसिल कराने के कारण दिक्कत हो रही है। अब फिर से टिकट लेने के लिए परेशान होना पड़ेगा। वहीं ट्रेनो के बंद होने से व्यवसायीयों के व्यवसाय पर भी असर पड़ा है। रेलवे साईकल स्टैंड के संचालक भोला यादव का कहना है की ट्रेनो के निरस्त होने से दस प्रतिशत भी ग्राहक नहीं आ रहे हैं। सिर्फ टिकट वापस करने वाले ही पहुंच रहे हैं।