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घर आने की योजना रद्दकर ड्यूटी पर लौट गया था शहीद

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जौनपुर। सुकमा नक्सली हमले में शहीद हुए मीरगंज के करियांव निवासी राजेश कुमार बिंद का पार्थिव शरीर गुरुवार की रात तकरीबन रात ढाई बजे गांव पहुंचते ही परिवार में चीख पुकार मच गई।
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करियांव गांव निवासी सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार का पार्थिव शरीर जौनपुर जिले के सिकरारा के जमुआ गांव निवासी सीआरपीएफ जवान राधेश्याम यादव हवाई रास्ते से लेकर रात आठ बजे लखनऊ पहुंचे। लखनऊ रेंज के सीआरपीएफ के जीसी के पाठक पार्थिव शरीर लेकर जौनपुर के लिए चले। रास्ते में इलाहाबाद रेंज के डीआईजी सीआरपीएफ रिओफोंग डींगडांग भी साथ हो लिए। रात ढाई बजे पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। इसके पूर्व मुंबई में रहने वाले शहीद के दोनों भाई व रिश्तेदार पहुंच गए थे। शुक्रवार की सुबह आगरा से छोटा भाई भी आ गया। शहीद की पत्नी उषा देवी, मां प्रभावती व दादी चमेला देवी शव से लिपटकर दहाडे़ं मारकर रोने लगीं। मुंबई से पहुंचे बड़े भाई सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुरेश कुमार व छोटे भाई लोको पायलट विश्वनाथ का भी रो रोकर बुरा हाल रहा। सबसे छोटा भाई आशीष आगरा से सुबह सात बजे घर पहुंचा। शहीद का बड़ा बेटा आठ वर्षीय अमन पार्थिव शरीर के पास सुबह तक बैठा रहा। दोनों बेटी मीनाक्षी चार वर्ष और सोनाक्षी दो वर्ष घटना से अनजान रहीं। मछलीशहर विधायक जगदीश सोनकर, पूर्व सांसद तूफानी सरोज, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय, मछलीशहर सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह, डीएसपी धीरेंद्र पाठक, एसडीएम मछलीशहर जगदंबा सिंह, मडियाहूं सीओ रामभवन, थानाध्यक्ष पन्नेलाल, तहसीलदार मछलीशहर लालता प्रसाद, भाजपा मंडल अध्यक्ष केके दुबे, जनार्दन सिंह, राजेंद्र सिंह, ब्रह्मदेव मिश्र, राम नारायण सेठ आदि ने पुष्प अर्पित किया।


मीरगंज। सुकमा में शहीद हुए राजेश का पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे जवान राधेश्याम यादव ने विभाग की ओर से अंतिम संस्कार के लिए 58 हजार रुपये भी दिए। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांव के हजारों लोग उमड़ पड़े। भीड़ से एक घंटे तक गोधना निगोह मार्ग जाम हो गया। लोगों ने बताया कि शहीद राजेश विनम्र स्वभाव के थे। वह जब भी ड्यूटी से घर आते तो साथियों व सभी से मिलने जुलने पहुंच जाते थे। गांव के लाल प्रताप, राकेश सिंह, मनोज सिंह, राजेश सिंह ने बताया कि जब भी छुट्टी में घर आते तो सभी से मिलने जरूर जाते थे। मछलीशहर सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह ने कहा कि शहीद राजेश के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा अपने कालेज में देंगे। उन्होंने बताया कि शहीद का बड़ा लड़का अमन उनके स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। दोनों लड़कियों को भी वह नि:शुल्क शिक्षा देंगे।
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मीरगंज। शहीद राजेश बिंद के परिजनों ने जिले से आला अफसरों के नहीं आने पर मछलीशहर एसडीएम जगदंबा सिंह को मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की कि गोधना निगोह मार्ग शहीद के नाम किया जाय। गांव में ही शहीद स्थल बनाया जाए। शहीद की पत्नी के नाम शहर में जमीन लीज पर देकर पेट्रोल पंप दिया जाए। एसडीएम मछलीशहर ने बताया कि उनकी मांगों को शासन को भेजा जाएगा।


मीरगंज। शहीद राजेश सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे अंबेडकर नगर के संदीप सिंह व खुटहन के जितेंद्र कुमार ने बताया कि राजेश उनके साथ सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वह सुकमा में साथ साथ ड्यूटी कर रहा थे। वह लोग छुट्टी पर घर आए थे। उन्होंने बताया कि पंद्रह दिन पहले राजेश से फोन पर बात हुई थी तो उसने बताया था कि फील्ड में तीन माह की ड्यूटी पूरी होने वाली है। उसके बाद वह हेडक्वार्टर पर आ जाएगा। वह 21 जून को साली की शादी में शामिल होने घर आने वाला था।


मीरगंज। शहीद राजेश बिंद को श्रद्धांजलि देने जिले के आला अफसर नहीं पहुंचे। डीएम के अवकाश पर होने के नाते सीडीओ प्रभारी डीएम के रूप में तैनात हैं। उनसे शहीद के परिवार वालों ने बात भी की लेकिन वह घर नहीं गए। एसपी भी नहीं पहुंचे। इसको लेकर लोगों ने नाराजगी जताई।


जौनपुर। शहीद राजेश को बदलापुर, मीरगंज, केराकत, शाहगंज, मछलीशहर में न्यायिक कार्य से विरत रहकर अधिवक्ताओं ने श्रद्धांजलि दी।
बदलापुर: अधिवक्ता संघ ने संघ भवन परिसर में शुक्रवार को शोकसभा आयोजित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। शोकसभा की अध्यक्षता अध्यक्ष योगेश त्रिगुनायत तथा संचालन एनपी सिंह ने किया। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद तिवारी, अंबिका यादव, मुन्ना लाल यादव, खेताल चंद यादव, राय अवींद्र प्रताप सिंह, पीटर सिंह, रामदयाल सिंह मौजूद थे।
शाहगंज: तहसील अधिवक्ता संघ के सदस्य शोक जताते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहे। अध्यक्ष भारत यादव की अध्यक्षता में हुई शोकसभा में अधिवक्ताओं ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। संचालन महामंत्री रामजी चौरसिया ने किया। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष रामहित यादव, बाबूराम यादव, अवधेश चंद्र यादव, महंत देव यादव, राजदेव यादव, अमर बहादुर सिंह, राजकुमार यादव, सुरेंद्र बहादुर सिंह, आदित्य नारायण सिंह, सूर्यकांत तिवारी, हरिनंदन उपाध्याय, अखिलेश कुमार यादव, कफील अहमद, गयास सरवर, अमरेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
मछलीशहर: अधिवक्ताओं ने शोक सभा आयोजित कर शहीद राजेश को श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अध्यक्ष दिनेश चंद्र सिंहा की अध्यक्षता में हुई शोकसभा में अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि अभियान चलाकर नक्सलियों को जड़ से समाप्त किया जाए। इस मौके पर अशोक कुमार श्रीवास्तव, नागेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, सुरेंद्र मणि शुक्ला, अजय सिंह, आरपी सिंह, हरि नायक तिवारी, विनय पांडेय, यज्ञ नरायन सिंह, सुरेश प्रताप सिंह, वीरेंद्र भाष्कर यादव, राजा राम उपस्थित थे।
घर आने की योजना रद्दकर ड्यूटी पर लौट गया था शहीद
मछलीशहर। शहीद राजेश के शव को देख मुंबई से रात में ही घर पहुंचे उनके भाई सुरेश रो पड़े। उन्होंने कहा कि भाई राजेश छुट्टी लेकर 25 मई को घर आने वाले थे। उन्होंने ट्रेन का टिकट भी आरक्षित करवा लिया था। मगर फिर कुछ दिन और ड्यूटी पूरी करने के बाद 5 जून को छुट्टी लेकर घर आने की बात कहकर आरक्षित टिकट वापस कर दिया। इस बात को अपने भाई सुरेश को बताया था। सुरेश ने बताया कि घटना ट्रेनिंग से लौटते समय अंतिम दिन हुई। इस बात की जानकारी मुझे फोन द्वारा दी गई।


मछलीशहर। मीरगंज के करियाव निवासी शहीद राजेश बिंद की शहादत की खबर सुनकर साथ में तैनात सीआरपीएफ़ के जवान जलालपुर निवासी संदीप कुमार और खुटहन निवासी जितेंद्र कुमार उनके घर रात ही में पहुँच गए। जबकि मऊ जिले के प्रदीप और अंबेडकरनगर के सर्वेश कुमार शुक्रवार की सुबह साढ़े सात बजे पहुंचे। चारो जवानों ने राजेश बिंद के साथ बटालियन में साथ समय बिताए गए क्षण को यादकर भावुक हो उठे। उनका कहना था कि बटालियन के हर सदस्य के साथ पारिवारिक संबंध होता है। हम सब एक दूसरे के सुख दुख को साझा किया करते हैं। आज हमारा एक भाई नक्सलियों की कायरता पूर्ण हरकत के चलते जान गवा दिया। राजेश बिंद के शव को देखने के बाद आखों से आंसू बहाते जवानों ने कहा कि हम सब बटालियन के सदस्य इसका बदला अवश्य लेंगे। राजेश के लिए यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इन दिनों उक्त दोनों जवान छुट्टी बिताने अपने घर आए हैं।
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