मछलीशहर। ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। शेड्यूल के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति नहीं हो रही है। अघोषित कटौती से किसान धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं। जायद की फसलें और सब्जियां सूख रही हैं।
विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता विकास यादव के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में तीन किश्तों में दिन में 11:25 बजे से अपराह्न ढाई बजे तक, शाम पांच बजे से रात 10 बजे, रात 11:30 बजे से सुबह 9:15 बजे तक विद्युत आपूर्ति की जाती है। वहीं, शहरी क्षेत्र को दो किश्तों रात 12:15 बजे से दूसरे दिन दोपहर दो बजे तक फिर शाम 4:30 बजे से रात 10:45 बजे तक आपूर्ति की जाती है लेकिन उपभोक्ताओं का कहना कुछ अलग ही है। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता विकास यादव, संतोष सिंह, अयोध्या प्रसाद यादव, दिनेश बहादुर सिंह और शहरी उपभोक्ता डॉ. एमपी सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, बड़कऊ यादव, मनोज गुप्ता का कहना है कि शेड्यूल को दर किनार कर मनमाने ढंग से आपूर्ति हो रही हैं। ग्रामीण अंचल में आठ एवं तहसील मुख्यालय पर 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उधर, जेई विद्युत का कहना है कि उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार बीच-बीच में आपातकालीन कटौती की जाती है। संसाधनों के अभाव में शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति देना संभव नहीं हो पा रहा है। ट्रिपिंग और लोकल फाल्ट की समस्या बदस्तूर जारी है। भीषण गर्मी और उमस के कारण जहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में उपभोक्ता हलकान हैं। वहीं, किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं। शासन की घोषणा और निर्देश सभी हवाहवाई साबित हो रहे हैं।