जौनपुर। अनुसूचित जाति के वृद्ध बीमार मरीज को पहले तो डॉक्टर व उनके स्टाफ ने छूने के लिए 1000 रुपए मांगे। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया और स्ट्रेचर से धकेल दिया। इससे वृद्ध की मौत हो गई। हत्या का आरोप लगाते हुए वादी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर सीजेएम ने डॉक्टर व उनके स्टाफ समेत छह लोगों पर वाद दर्ज कर थाने से रिपोर्ट तलब किया है।
केशव प्रसाद गौतम निवासी परसूपुर, मछलीशहर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि 17 मई 2018 को उसके पिता नरेंद्र की तबीयत बहुत खराब थी। वह बाइक से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर पिता को ले गया वहां पहुंचकर डॉक्टर को आवाज देते हुए अंदर से स्ट्रेचर लाया। पिता को उस पर लिटाया और इमरजेंसी बताते हुए तुरंत इलाज करने के लिए डॉक्टर से कहा। तब डॉक्टर, उनकी नर्स और फार्मासिस्ट वगैरह ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए कहा कि मरीज को छूने की 1000 रुपए फीस लूंगा। विरोध पर आग बबूला हो गए। डॉक्टर व उनके स्टाफ ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया व गालियां दीं। बीमार पिता को स्ट्रेचर से धकेल दिया। झटके से गिरने व आघात से उसके पिता की वहीं मृत्यु हो गई। दाह संस्कार के बाद थाना मछली शहर व पुलिस अधीक्षक को घटना की सूचना दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।