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पारा 43 के पार, बढ़ी गर्मी की मार, लोग हुए बेहाल

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गर्मी से राहत
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जौनपुर। गर्म हवाओं के साथ आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी के कहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम की मार इस कदर पड़ रही है कि लोग दोपहर में अपने घरों से निकलने में डरने लगे हैं। मंगलवार को दिन निकलते हुए आसमान से आग बरसने लगी। और पारा 43 से अधिक पहुंच गया। इस एक सप्ताह में दिन प्रतिदिन पारा बढ़ रहा है और बाजार में सन्नाटा छाया हुआ है। यूं देखा जाए तो मंगलवार को मई माह का सबसे गर्म दिन रहा। जहां तापमान अधिकतम 43 और न्यूनतम 29 तक पहुंच गया।
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धूप और लू से लोग परेशान हैं। गर्मी के कारण लोगों के चेहरे झुलस जा रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी का मौसम आ रहा है। वैसे-वैसे तापमान में भी वृद्घि होने लगी है। सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में बच्चों और बुजुर्ग मरीजों की भरमार है। डायरिया, बुखार और सिरदर्द की शिकायत लेकर अधिक मरीज आ रहे हैं। अगले 48 घंटे में तापमान में और बढोत्तरी होने की आशंकाएं मौसम वैज्ञानिक जता रहे हैं। मंगलवार को 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। लोग अपने चेहरे को ढककर बाजार में निकले थे।


ऐसे बढ़ रहा है तापमान
15 मई- अधिकतम 38, न्यूनतम 28
16 मई- अधिकतम 38, न्यूनतम 27
17 मई- अधिकतम 39, न्यूनतम 27
18 मई- अधिकतम 40, न्यूनतम 27
19 मई- अधिकतम 41, न्यूनतम 28
20 मई- अधिकतम 41, न्यूनतम 28
21 मई- अधिकतम 43, न्यूनतम 28
22 मई- अधिकतम 43, न्यूनतम 29


सीजन का सबसे गर्म दिन रहा मंगलवार
जौनपुर। भीषण गर्मी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को इस मौसम की सबसे अधिक गर्मी रही। तापमान 43 अधिकतम और न्यूनतम 29 होने के साथ तेज गर्म हवाओं ने लोगों को बीमार बना दिया है। लोगों को इतनी गर्मी की उम्मीद नहीं थी। लेकिन दिन प्रतिदिन गर्मी बढ़ती ही जा रही है। 16 मई को जहां तापमान अधिकतम 38 और न्यूनतम 27 था। वह 22 को बढ़कर अधिकतम 43 और न्यूनतम 29 हो गया। वैसे 21 को भी अधिकतम 43 था जरूर लेकिन न्यूनतम 28 ही था।
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क्या कहते हैं चिकित्सक--
फिजीशियन डा. आरपी यादव का कहना है कि गर्मी और लू से खुद को बचाना चाहिए। इस मौसम में डिहाईड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में गर्मी में संतुलित भोजन का सेवन करें। शरीर को कपड़े से कवर करके रखें। सलाद का अधिक से अधिक सेवन करें। पेट में दर्द होने पर, शरीर के तापमान में बदलाव आने पर, भूख न लगने और लगातार दस्त होने पर चिकित्सक से सलाह लें।


तापमान और गर्मी बढ़ने के पीछे ओजोन परत और ग्लोबल वार्मिंग का बढ़ना एक प्रमुख कारण है। सूरज के ऊपर प्रचंड शौर्य, ज्वालाओं और शौर्य लपटों का निर्माण भी एक कारण है। तेजी से वृक्षों की कटान, प्रदूषण का तेजी से बढ़ना और प्लास्टिक कचरे का सही ढंग से निस्तारण न होना भी गर्मी बढ़ने का एक कारण है।
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- डा. दिलीप सिंह
मौसम वैज्ञानिक
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