जौनपुर। आईएसएआरइंडियन सोसाइटी ऑफ असिस्टेड प्रजनन उद्धरण दिल्ली की महासचिव और स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. शिवानी गौर ने कहा कि 84 फीसदी पुरुष जिनमें बांझपन की शिकायत मिलती है उनमें विटामिन डी या विटामिन बी 12 अथवा खनिज की कमी होती है। इनकी कमी के कारण ऑक्सीडेटिव तनाव होता है, जिससे शुक्राणु निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे बांझपन की शिकायत मिलती।
जर्नल्स ऑफ न्यूट्रिशन एंड हेल्थ में प्रकाशित अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि खनिज वीर्य मानकों में सुधार के साथ जुड़े होते हैं। गर्मी के महीनों में एल्कोहल और नशीली दवाओं के उपयोग से शुक्राणु के पैरामीटर कम हो जाते हैं। वह रविावर को शहर के एक होटल में ओबस्टेट्रिक्सऔर गायनकोलॉजी सोसायटी की ओर से आयोजित सम्मेलनमें बोल रही थी। जौनपुर ओबस्टेट्रिक्स और गायनकोलॉजी सोसाइटी की अध्यक्ष डा. शकुंतला यादव ने कहा किपर्यावरणीय प्रदूषण विकिरण से पुरुष बांझपन की समस्या को बढ़ाया है। डा. एम्बर खान ने कहा कि बांझपन के लिए महिला और पुरुष दोनों जिम्मेदारी होते है। इसअवसर पर डा. अंजू कनौजिया, डा. प्रियंका, डा. मधु शारदा, डा. शिखा शुक्ला, डा. शैली मोहन, डा. प्रियंवदा सिंह, डा. रश्मि, डा. सुलोचना, डा. प्रियंका डा. संध्या आदि मौजूद थी।