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12 किमी. के सापेक्ष छह किमी लंबी बची है गौरा-तारा माइनर

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गौराबादशाहपुर। जौनपुर गौराबादशाहपुर शारदा सहायक खंड की नहर से गौरा गांव से होते हुए तारा गांव तक जाने वाले 12 किमी लंबी माइनर का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है। मुआवजा नहीं मिलने से नाराज किसानों द्वारा छह किमी माइनर को खेत बना डाला है. कुछ लोगों ने माइनर की जमीन पर आवास बी बनवा लिया है।
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किसानों की मानें तो वर्ष 1987 में माइनर की खुदाई हुई थी। तब गौरा, करमदासपुर, पिलखिनी, सरसौडा , पारा .रामपुर गांव तक के किसानों की भूमि नहर में गई थी। इन किसानों को मुआवजे की धनराशि आवंटित की गई लेकिन मुआवजा अभी तक नहीं मिला। कुछ दिनों तक किसान मुआवजा मांगते रहे उसके बाद अपनी-अपनी भूमि पर कब्जा कर लिया। कब्जे के चलते 12 किलोमीटर लंबी माइनर के 6 किमी की रह गई है। माइनर मनिहां गोविंदपुर तक ही सीमित रह गई है। इससे भुईली, भदेवरा, बारी, देवाकलपुर, ककोरी, धानापुर, सुरैला, उमरी, तारा व पौनी आदि गांवों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। भुईली गांव के निवासी स्वामी सिंह,सुरैला निवासी अरुण सिंह, उमरी निवासी महंत गजराज सिंह, देवाकलपुर निवासी बंशु यादव ने कहा कि कई बार अधिकारियों से माइनर को दोबारा खोदने की मांग की गई लेकिन कोई सुनता ही नहीं।
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