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जौनपुर में भी हो सकता है वाराणसी जैसा हादसा

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जौनपुर। शहर में जौनपुर मिर्जापुर मार्ग पर सिटी रेलवे स्टेशन के पास बन रहे फ्लाइओवर पर भी कभी वाराणसी जैसा हादसा हो जाए तो कोई ताज्जुब नहीं। यहीं भी फ्लाईओवर पर ऊपर काम चल रहा और नीचे से वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। कभी पुल का कोई हिस्सा ढहा तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। निर्माणीधीन फ्लाईओवर के नीचे से कार, आटो रिक्शा, दोपहिया वाहनों की दिन रात आवाजाही लगी रहती है लेकिन इधर से वाहनों के संचालन पर पाबंदी लगाना जिला प्रशासन मुनासिब नहीं समझता। यह लापरवाही तब बरती जा रही है जब यहां ढेढ़ साल पहले शटरिंग खोलते समय स्लीपर ढह गया था। उसकी चपेट में आने से तीन मजदूर घायल हो गए थे।
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जौैनपुर मिर्जापुर मार्ग पर शहर में सिटी रेलवे स्टेशन के निकट 659.55 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। 2452.70 लाख की लागत से बन रहे इस फ्लाईओवर की मंजूरी जनवरी 2014 में मिली थी। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने अगस्त 2014 से निर्माण का शुभारंभ किया है। अबतक कुल धन का 78 फीसदी राशि खर्च की जा चुकी है। दिसंबर 2018 तक इस ओवर ब्रिजका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि भूमि विवाद से संबंधित मामला हाईकोर्ट में लंबित होने और जुलाई 2017 से वस्तु सेवा कर के प्रभाव के चलते लागत बढ़ गई और पुनरीक्षित बजट का इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। जिसके चलते निर्माण की गति धीमी हो गई है। ओवर ब्रिज के निर्माण के चलते सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। बावजूद इसके निर्माणाधीन ब्रिज के नीचे से जोखिम भरा सफर लोग कर रहे हैं। संभावित खतरे से बचने के लिए इस मार्ग से बड़े वाहनों का संचालन तो रोक दिया गया है लेकिन कार, आटो रिक्शा, दो पहिया वाहन आज भी इधर से ही गुजरते हैं। एक नवंबर 2016 को पुल के किनारे की रेलिंग की ढलाई हो चुकी थी। शाम का वक्त था। गाजीपुर के नोनहरा थानांतर्गत रसूलपुर गांव निवासी शमशुद्दीन और सोनू व जंगीपुर थाना के देवकठियां गांव निवासी धर्मेंद्र उसकी शटरिंग खोल रहे थे। उसी दौरान अचानक रेलिंग ढह गई। शटरिंग खोल रहे तीनों मजदूर मलबे में दब गए। पुलिस ने घायल श्रमिकों को अस्पताल पहुंचाया।
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