जौनपुर। कलेक्ट्रेट स्थित वट वृक्ष के नीचे महिलाओं ने मंगलवार को वट सावित्री की पूजा किया। इसके साथ ही शहर के ओलंदगंज, गूलर घाट, नखास, जोगियापुर, रूहट्टा, सब्जी मंडी आदि जगहों पर व्रती महिलाओं ने पूजन अर्चन कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना किया।
महिलाओं ने चने का प्रसाद, जल, मौली, रोली, कच्चा सूत, फूल तथा धूप बत्ती से पूजा अर्चना किया। जल से वट वृक्ष को सींचकर तने के चारों ओर कच्चा धागा लपेटकर परिक्रमा की। इसके बाद सत्यवान सावित्री की कथा सुनाई। मान्यता है कि इसी दिन सावित्री ने अपने कठिन तप के बल से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों का रक्षा की थी। जब यमराज सत्यवान के प्राण ले जाने लगे तो सावित्री भी उनके पीछे-पीछे चलने लगी। ऐसे में यमराज ने उन्हें तीन वरदान मांगने को कहा। सावित्री ने एक वरदान में सौ पुत्रों की माता बनना मांगा और जब यम ने उन्हें ये वरदान दिया तो सावित्री ने कहा कि वे पतिव्रता स्त्री हैं और बिना पति के मां नहीं बन सकती। यमराज सत्यवान के प्राण दे दिए जिससे वे जीवित हो गए।