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हजरत अली ने दिया विश्व में अमन सलामती का पैग़ाम- मौलाना काजिम

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जौनपुर । पवित्र माह रमजान के आगाज के पहले मुस्लिम इलाकों में मजलिसों का दौर शुरू हो गया है, जिनमें मौलाना रमजान की फजीलत बयान कर लोगों को रोजा रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे ही मजलिस को लखनऊ से आये मौलाना डॉ काजिम मेहंदी उरूज ने शनिवार की रात अजमेरी मोहल्ला खिताब किया। उन्हेंने कह कि हजरत अली ने दुनिया को अमन का पैगाम दिया।
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मरहूम सैय्यद अली शब्बर के इसाले सवाब की मजलिस में उन्होंने कहा कि इस्लामी कैलेंडर का नवां महीना रमजान है। पूरी दुनिया में इस्लाम मानने वालों के लिए यह पाक महीना है। इसमें उत्सव होता है। रोजा रखना हर मुसलमान के लिए वैसे ही वाजिब है, जैसे पांच वक्त की नमाज अदा करना। रोजा सिर्फ भूखे व प्यासे रहना नहीं है बल्कि इस दौरान कुछ मानसिक और व्यावहारिक बंधन भी जरूरी हैं। इसी महीने में शिया समाज के पहले इमाम हजरत अली की शहादत भी हुई है । हजरत अली का पूरा नाम अली इब्ने अबू तालिब था। वह इस्लाम के चौथे खलीफा थे। उन्होंने दुनिया को अमन का पैगाम दिया। वे लोगों से कहते थे कि इस्लाम कत्ल के पक्ष में नहीं बल्कि शत्रु से भी मोहब्बत करने की बात कहता है। मजलिस की सोजखानी आमिर कजगांवी ने की। मेहदी मिर्जापुरी व हेजाब इमामपुरी ने पेशखानी की। सैय्यद मोहम्मद मुस्तफा आभार व्यक्त किया । मौलाना सफदर हुसैन जैदी, मौलना आसिफ अब्बास, मौलाना हैदर मेहदी, मुफ्ती अनवार हैदर, अली मुस्तफा कैफी, हसन मुस्तफा कायम, पूर्व अध्यक्ष नपा दिनेश टंडन , शीराज मोहम्मदाबादी, आरिफ हुसैनी, मौलाना जोहरकैन, मौलाना आबिद रजा, मौलाना फजले मुमताज, मौलाना जफर हसन, नजमुल हसन नजमी, मिर्जा जावेद सुल्तान, तब्बससुम, शारिब, दानिश काजमी, मुफ्ती वसी, मोहम्मद अब्बास , हैदर हुसैन, अनवारूल हसन, अब्बास काजमी मौजूद रहे ।
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