जौनपुर। इस बार भीषण गर्मी शुरू होने से पहले की कई रिकार्ड टूटते जा रहे हैं। शनिवार को पछुआ हवाओं के बीच दोपहर में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। आसमान से जैसे आग के गोले बरस रहे थे और धरती तवे के समान तप रही थी। अधिकतम पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पा पहुंच गया। सूरज के प्रचंड रूप के कारण लोग बेहाल रहे। बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। पिछले एक सप्ताह से मौसम का मिजाज लगातार तल्ख होता जा रहा है। अधिकतम पारा चढ़ रहा है। शुक्रवार को सुबह से सूरज अपने रौ में दिखाई दिया। तपिश से लोग बेहाल रहे। शुक्रवार को अधिकतम पारा 41 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम पारा 27 डिग्री था। लोग दिन में तेज धूप से परेशान रहे। मौसम विज्ञानी डॉ. डीपी उपाध्याय का कहना है कि जिस प्रकार लगातार पारा चढ़ रहा है। उसके अनुसार प्री मानसून आने की संभावना प्रबल होती जा रही है। लगातार पारा चढने से एसी और कूलर की मांग बढ़ गई है। मगर पारे के कड़क रुख से पंखा और कूलर भी प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं। आलम यह है कि अब दिन में कई बार एसी की हवा भी भीषण गर्मी से राहत नहीं दे पा रही है। रात में उमस के कारण भी लोगों को चैन नहीं मिल पा रहा है। रिकार्ड गर्मी पडने के कारण अस्पतालों में तीमारदार भी परेशान हैं। सरकारी अस्पतालों की हालत खस्ता है। एक तरफ लोग जहां गर्मी से परेशान हैं, वहीं भीषण गर्मी के कारण अस्तपाल में मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। दूर-दराज से आने वाले तीमारदारों को सबसे ोज्यादा परेशानी हो रही है। बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन पर भी यात्री परेशान रहे। शुक्रवार को यह आलम था कि दोपहर में घर से बाहर निकलने पर शरीर झुलस जा रहा था। गर्मी के कारण बार-बार गला सूख जा रहा था। मुंह पर कपड़ा बांधने पर भी राहत नहीं मिल रही थी।