जौनपुर। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी की अध्यक्षता में बुधवार कोकलेक्ट्रेट सभागार में समस्त स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य के साथ बैठक किया। जिसमें स्कूली वाहनों के सुरक्षा मानकों पर चर्चा की गई।साथ ही डीएम ने बच्चों की सुरक्षा रखने, विद्यालयों में बच्चों के लिए मुकम्मल सुविधाएं उपलब्ध कराने और वाहनों में मानक की अनदेखी नहीं करने का निर्देश दिया।
एआरटीओ सौरभ कुमार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से स्कूल बसों में यात्रा करने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश का विस्तार से जानकारी दिया। कहा कि वाहन का शैक्षणिक संस्था के नाम से पंजीकृत होना आवश्यक है। निजी आपरेटर भी अपने वाहन को स्कूल मानक के अनुसार पंजीकरण कराकर स्कूल बस के रुप में प्रयोग कर सकते है। प्रत्येक स्कूल बस के आगे व पीछे मोटे अक्षरों में स्कूल बस लिखा होना चाहिए। स्कूल में अनुबन्धित बसों पर आगे व पीछे बडे़ अक्षरों में आन स्कूल डयूटी लिखा होना चाहिए। कोई भी स्कूल बस किराये की फुटकर सवारी नहीं ढोएगा। प्रत्येक स्कूल बस पर स्कूल का नाम तथा टेलीफोन नम्बर लिखा होना चाहिए।स्कूल बसों की अधिकतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए। प्रत्येक स्कूल बस में बच्चों की सूची नाम व पता, ब्लड ग्रुप व रुट चार्ट उपलब्ध रहना चाहिए आदि मानको को पूरा करना आवश्यक है। नगर मजिस्ट्रेट योगानंद पांडेय ने कहा कि चालक बच्चों को जहां से उठाये वहीं सही सलामत छोड़ के आये। किसी अनजान व्यक्ति को न दें। सभी स्कूल के प्रबन्धक/प्रधानाचार्य शासनादेश का पालन करे। इस अवसर पर डीआईओएस उमेश शुक्ल, बीएसए राजेंद्र प्रसाद सिंह, वरिष्ठ सहायक राकेश कुमार श्रीवास्तव सहित स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।