जौनपुर। मौसम में बदलाव की वजह से हर कोई परेशान है। तीखी धूप एवं गर्मी के चलते लोगों का राह चलना मुश्किल भरा हो गया है। स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। तापमान बढऩे से बीमार लोगों की संख्या अस्पतालों में बढऩे लगी है। पेयजल पदार्थों की बिक्री भी बढ़ गई है। वहीं एसी, कूलर और पंखे के दामों में उछाल आया है।
तेज धूप के कारण लोग सड़कों पर निकलना बंद कर दिए हैं। सूर्योदय होते ही गर्मी का असर दिखने लग रहा है। दोपहर में तो धूप में चेहरे जल जा रहे हैं। हवा भी नहीं चल रही है। रात में भी गर्मी का असर है। यूं कहा जाए कि आसमान से गर्मी बरस रही है। तेज गर्मी और गर्म हवाओं के बीच घर से निकलना लोगों का मुश्किल हो गया है। दोपहर में लू के थपेड़े बढ़ रहे हैं। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ऐसा ग्लोबल स्तर पर आ रहे मौसम में बदलाव की वजह से शुरू हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्मी समय से पहले होना मानसून के अच्छे संदेश हैं। बुधवार को वैसे 2 डिग्री सेल्सियस तापमान में कमी आई। मई के शुरूआती दौर से पारा चढ़ना शुरू हो गया है। जून जैसी गर्मी शुरू हो गई है। सबसे बड़ी दिक्कत गर्म हवाओं की वजह से हो रहा है। लू का असर भी पढ़ने लगा है। जिला अस्पताल में 200 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। सीएमएस डा. एसके पांडेय का कहना है कि अधिकतर मरीज मौसमी बदलाव, गर्मी, लू, धूल, धूएं से पीड़ित हैं। गले और आंखों में जलन बच्चों को एलर्जी की ज्यादा शिकायतें आ रही है। ऐसी स्थितियों में बच्चों को धूल, धूप से बचाना चाहिए।