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संमितियों के गोदाम डंप, गेहूं की खरीद हुई ठप

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जौनपुर। क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का उठान न होने से समितियों के गोदाम भर गए हैं। इससे अधिकतर क्रेय केंद्रों पर गेहूं की खरीद ठप हो गई है। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि गोदाम खाली होने पर ही खरीद की जा सकेगी। गेहूं बेचने के बाद तमाम किसान भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं। पीसीएफ पर किसानों का करीब 8.1 करोड़ का बकाया है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए आठ एजेंसियों के कुल 139 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से इस वर्ष 62 हजार मिट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक जिले में विभिन्न एजेंसियों से कुल 7703 मिट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जितने गेहूं की खरीद हुई है उसकी पूरी कीमत 13 करोड़ 44 लाख 19 हजार 269 रुपये है। जबकि भुगतान सिर्फ 5.34 करोड़ ही हुआ है। विभिन्न एजेंसियों का आठ करोड़ 10 लाख रुपए बकाया है। जिसमें से अकेले सिर्फ पीसीएफ के पास किसानों का 7.31 करोड़ बकाया है। क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं को उठाकर एफसीआई की गोदाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पीएसएफ ठेकेदारों को दी गई है। समितियों के गोदामों में डंप गेहूं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की गोदाम में पहुंचने पर ही एजेंसी को भुगतान होगा। समितियों पर गेहूं डंप होने के चलते केंद्र प्रभारी गेंहूं की खरीद भी बंद कर दिए हैं। उनका कहना है कि अब गेहूं खरीदेंगे तो उसे बाहर रखना होगा। गेहूं बाहर रखा गया तो बारिश होने पर नुकशान होगा। जिसकी भरपाई केंद्र प्रभारी को करना होगा। उधर किसान गेंहूं बेचने के लिए रोज क्रय केंद्रों पर चक्कर लगा रहे हैं। खरीद को लेकर किसान और केंद्र प्रभारियों से नोंकझोंक हो रही है।
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किसान धैर्य रखें। डिलवरी की व्यवस्था की जा रही है। गोदाम खाली होते ही किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी। किसी भी किसान का गेंहूं बिक्री के नहीं रहेगा। केंद्र प्रभारियों को परेशान न करें।
कैलाशनाथ सिंह
अध्यक्ष सहकारी समिति कर्मचारी संघ जौनपुर
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