जौनपुर। धर्मापुर ब्लाक के कर्मही गांव के एक परिवार में एक सप्ताह के भीतर सास और बहू की मौत हो गई जबकि दो सगे भई पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के डाक्टर भी उनकी बीमारी का पता नहीं लगा सके। दोनों भाइयों को बीएचयू रेफर कर दिया गया है। परिवार के सभी सदस्य मुंबई में रहते थे। डाक्टरों का मानना है कि मुंबई में खानपान के दौरान कोई टाक्सिन उनके शरीर में चला गया है, जिससे हीमोग्लोबीन लगातार घट रहा है और शरीर के अवयव काम करना बंद कर दे रहे हैं।
कर्मही निवासी अशोक कुमार मिश्र का पूरा परिवार के साथ मुंबई में रहता है। मुंबई में ही 28 अप्रैल को अशोक की पत्नी उर्मिला देवी(45) की तबियत खराब हुई। पैर में सूजन हुई, सांस फूलने लगी, उल्टी और दस्त के साथ बुखार हो गया इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद अशोक परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर चले आए। परिजन उर्मिला की मौत से अभी उबर नहीं सके थे कि गुरुवार की रात अशोक की बहू कविता का पैर सूजने लगा। सांस फूलने और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। परिवार के लोग अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को अशोक को दोनों पुत्र नीरज मिश्र (30) और धीरज मिश्र (26) भी बीमार हो गए। सूचना पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चोरसंड के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. डीके गिरी मौके पर पहुंचे और दोनों भाइयों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल से भी दोनों को बीएचयू रेफर कर दिया गया। डा. डीके गिरी का कहना है कि मुंबई में जहां परिवार के लोग रहते थे वहां पता किया गया आसपास के किसी भी परिवार में ऐसी बीमारी नहीं है। अनुमान है कि सामग्री में ही परिवार के सदस्यों की शरीर में कोई ऐसा टॉक्सीन चला गया है। इससे हीमोग्लोबीन लगातार कम हो रहा है। कविता का हीमोग्लोबीन का स्तर पांच तक पहुंच गया था। बीएचयू में परीक्षण के बाद ही पता चलेगा कि बीमारी का कारण क्या है।