जौनपुर। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर आने लगी है। इसका मुख्य कारण यह है कि अक्सर एसी में आराम फरमाने वाले अफसर भी इसका जायजा लेने लगे हैं। शनिवार को 55 गाड़ियों का चालान हुआ और 20 गाड़ियों से 4500 रूपए जुर्माना वसूली की गई।
शहर में जाम से हर कोई परेशान हो गया है। ट्रैफिक पुलिस भी इस तरफ खास ध्यान नहीं दे रही थी। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को तो कोई मतलब ही नहीं था। लेकिन डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने पहल शुरू किया तो कुछ पुलिस के अधिकारी भी थाने और ऑफिस से निकलकर सड़क पर टहल रहे हैं। जिसकी वजह से व्यवस्था में सुधार होने लगा है। दूसरे दिन भी शहर में कहीं जाम नहीं लगा और लोग एकल मार्ग से आए गए। कहीं किसी ने कोई रूल नहीं तोड़ा। अलबत्ता सड़क पर गाड़ियां खड़ी करने की परंपरा में कमी नहीं आई। ऐसे में 55 लोगों का चालान किया गया। इसके अलावा 20 गाड़ियों से जुर्माना वसूल किया गया। वैसे हाइवे पर वैसे ही जाम लग रहा है। नईगंज क्रासिंग बंद होने के बाद दोनों तरफ ओवरटेक गाड़ियां आमने-सामने आ जा रही हैं। जिसकी वजह से घंटों लोगों को दिन में 8 से 10 बार जुझना पड़ रहा है। कमोवेश यही स्थिति जगदीशपुर और सिपाह क्रासिंग की भी है। यहां पुलिस अधिकारी और यातायात के सिपाही ध्यान नहीं दे रहे हैं। एसपी सिटी डा. अनिल पांडेय का कहना है कि अभी शहर की व्यवस्था ठीक की जा रही है। जल्द ही हाईवे पर भी अभियान चलाया जाएगा और क्रासिंग पर डिवाइडर लगेगा ताकि कोई ओवरटेक कर गलत साइड में न जा सके।