जौनपुर। गर्मी शुरू होते ही बिजली ने तेवर बदलना शुरू कर दिया है। रात में कब बिजली चली जाएगी और कब आएगी इसका कोई समय निर्धारित नहीं है। ऊपर से 20 घंटे से अधिक मिल रही है। लेकिन लोकल फाल्ट के नाम पर बिजली कटौती खूब हो रही है। सबसे अधिक बुरा हाल ग्रामीणांचल का है। कनेक्शन बढ़ने के कारण लोड बढ़ गया है। ट्रांसफार्मर और विद्युुत स्टेशनों की क्षमता नहीं बढ़ी है। यही हाल रहा तो मई, जून में बिजली लोगों को और रूलाएगी।
वैसे तो जिला मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली देने का दावा विभाग कर रहा है। लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। ग्रामीणांचल में 18 घंटे और तहसील मुख्यालयों पर 20 घंटे बिजली देने के दावे सही साबित नहीं हो रहे हैं। हर रोज 8 से 10 ट्रांसफार्मर फूंक रहे हैं। शार्टसर्किट और जर्जर तारों से आग लग रही है। किसान बर्बाद हो रहे हैं, लेकिन बिजली विभाग का ध्यान इस तरफ नहीं है। खुले में ट्रांसफार्मर रखे गए हैं। तार लटक रहे हैं। करेंट लगने कई पशुओं की मौत हो चुकी है और शार्ट सर्किट से सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो चुकी है। लेकिन बिजली विभाग न तो जर्जर तारों को बदल रहा है और न ही उसे ठीक ही किया जा रहा है। मछलीशहर प्रतिनिधि के मुताबिक गर्मी शुरू होते ही आपूर्ति लड़खड़ा गई है। ग्रामीण क्षेत्र में 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। नगर पंचायत क्षेत्र में 14 घंटे बिजली मिल रही है। रात में 10 बजे बिजली आती और 5 बजे भोर में चली जाती है। दोपहर बाद कभी कभार साढ़े 4 बजे से 6 बजे और 6 बजे से 8 बजे तक आपूर्ति होती है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हवा की वजह से दिन में सप्लाई कम दी जा रही है। उधर अधीक्षण अभियंता विद्युत एके मिश्र का कहना है कि जितनी खपत है उतनी बिजली मिल रही है। लोकल फाल्ट की वजह से किसी किसी इलाके में अलबत्ता कटौती हो जाती है।