जौनपुर। नगरपालिका परिषद जौनपुर में संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती में धांधली सामने आई है। कर्मचारियों ने अफसरों की मिलीभगत से अपने बेटों की तैनाती करा दी। इसमें कुछ तो ऐसे थे जिनकी नियुक्ति के समय आयु ही कम थी। ये भर्तियां वर्ष 1997 से लेकर 2010 तक भर्ती बिना किसी विज्ञापन के की गई हैं। वर्ष 2012 में जिन संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी उन्हें फिर से बहाल करने की तैयारी है।
वर्ष 1997 से 2010 के बीच नगर पालिका परिषद जौनपुर में समूह ग और घ के 196 पदों पर संविदा कर्मचारियों की भर्ती की गई है। इस दौरान कई बार बिना विज्ञापन के ही गुपचुप तरीके से भर्ती कर ली गई। वर्ष 2012 में प्रदेश सरकार ने नगर निकायों संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द कर दी। अब सरकार ने हटाए गए सभी संविदा कर्मचारियों की सूची मांगी है। उनको दिए जाने वाले मानदेय का विवरण भी मांगा है। सूत्रों का कहना है कि उनकी बहाली की तैयारी चल रही है। शासन के निर्देश पर तैयार की गई संविदा कर्मचारियों की सूची कुछ जनप्रतिनिधियों के हाथ लग गई। इस सूची में नगरपालिका में तैनात कुछ कर्मचारियों के बेटों का भी नाम है, जिसे लेकर हो हल्ला शुरू हो गया है। कुछ कर्मचारियों के परिवार के ऐसे सदस्य हैं जिनकी नियुक्ति के समय उम्र की भी योग्यता पूरी नहीं थी। सभासदों ने डीएम को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है। डीएम अरविंद मल्प्पा बंगारी का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।