जौनपुर। स्कूल परिवहन विभाग से वाहनों में रियायत भी लेते हैं और अभिभावकों से तगड़ी फीस भी। इसके बावजूद वाहनों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। रविवार को उप संभागीय परिवहन विभाग द्वारा बीआरपी इंटर कालेज के मैदान में स्कूली वाहनों की जांच में 37 फीसदी से ज्यादा बसें फिटनेस टेस्ट में फेल रहीं। परिवाह विभाग ने उनका परमिट रद्द करने के बजाय खमियां सुधारने को कहा है।
स्कूली बसों के ठीक से नहीं चलाने के कारण हर साल कहीं न कहीं हादसे होते रहते हैं। इसको देखते हुए परिवहन विभाग ने पहले से ही बसों के फिटनेस की जांच शुरू की है। यात्री मालकर अधिकारी मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्कूल जाने में बच्चों को दिक्कत का सामना न करना पड़े इसलिए बसों की फिटनेस जांची जा रही है। रविवार को 338 बसों में बसो की जांच की गई। इसमें 147 में कमयिां पाई गईं। ऐसी बसों का परमिट रद्द करने के बजाय विभाग ने खामियां दूर करने के लिए एक सप्ताह का समय दे दिया है। उनसे उप संभागीय परिवहन कार्यालय में आकर जांच करवाने और ऐसा नहीं करने वालों के विरुद्घ संयम कार्रवाई करने को कहा गया।