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गृहस्थ धर्म तप तो परिवार है तपोस्थली

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जौनपुर। हर गृहस्थ इस सत्य को जान लें तो स्वर्ग धरती पर उतर आएगा।गृहस्थ धर्म तप व परिवार तपोस्थली है। उक्त बातें सुल्तानपुर से पधारे आचार्य शिवानंद पांडेय ने शुक्रवार को आर्य समाज जौनपुर के 118वें वार्षिकोत्सव के द्वितीय दिवस पर कही। उन्होंने कहा कि वैदिक धर्म में पत्नी को मित्र का दर्जा दिया गया है, दासी का नहीं।बच्चों को पांच वर्ष तक दुलार दें। इसके बाद कर्तव्य, अनुशासन व संस्कार की डोर से बांधकर रखे।हर व्यक्ति यथा शक्ति अपने व्यक्तिगत काम स्वयं निपटाएं तो धन, समय व सम्मान में बढ़ोत्तरी होगी और पारिवारिक प्रेम बढ़ेगा।इस अवसर पर मीडिया प्रभारी श्याम सुंदर मिश्र व देवेंद्र प्रधान आदि उपस्थित रहे।
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