जौनपुर। शनिवार की रात आंधी और बारिश के चलते जिले में काफी नुकसान हुआ है। बक्शा के पूरे रामजी गांव में आम का पेड़ गिरने से दबकर महिला की मौत हो गई जबकि एक भैंस कुएं में गिर गई। खेतों में पानी लग गया और तैयार गेहूं की फसल भीग गई, जिससे कटाई और मड़ाई का काम भी ठप हो गया है। किसानों का कहना है कि गेहूं की मड़ाई का काम कम से कम 10 दिन पीछे चला गया।
शनिवार रात में करीब दो बजे आंधी के बाद गजर-चमक के साथ वर्षा शुरू हो गई। आंधी से जगह-जगह पेड़ उखड़ गए हैं। लोगों के छप्पर उड़ गए। बक्शा के उमरपुर गांव में नवलाखी देवी(55) घर के लिसोड़ा का पेड़ आंधी में गिर पड़ा। बाहर चारपाई पर सो रही नवलाखी की उसके नीचे दबकर मौत हो गई। सिकरारा के कामदेवपुर गांव में यज्ञनारायन दूबे की भैस बिजली की गड़गड़ाहट से डर कर खूंटा उखाड़कर भागी और कुएं में गिर गई। ग्रामीणों की मदद से उसे सुबह निकाला गया। जगह-जगह बिजली का तार टूटने से सौ से ज्यादा गांवों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित है। बदालापुर में रात दो बजे से रविवार दोपहर साढ़े बारह बजे तक विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही।
बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पककर तैयार गेहूं की फसल भीग गई। खलिहान में भी पानी लग गया। हर कोई जल्द से जल्द फसल की मड़ाई कर लेना चाहता था लेकिन बारिश से सारा काम ठप हो गया। खेतों में काटकर फैलाया गया गेहूं का डांट आंधी में उड़ गए। गेहूं के बोझ तितर-बितर हो गए। जिले में 2.26 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। अभी तक पांच फीसदी गेहूं की फसल की मड़ाई हो सकी है। बाकी फसल या तो खेत में है या खलिहान में। बक्शा के रामराज विश्वकर्मा कहते हैं कि मौसम अभी से साफ हो गया तो खलिहान में पड़ी फसल की मड़ाई दस दिन बाद ही शुरू हो पाएगी। ज्यादा बारिश हुई तो फसल चौपट होने का अंदेशा है। केराकत, मुफ्तीगंज, शाहगंज, खुटहन, बदलापुर, महराजगंज, सुजानगंज, मछलीशहर, मडिय़ाहूं, मीरगंज आदि इलाकों में खूब बारिश हुई है। इससे रबी की खेती को नुकसान हुआ है। अगहुआ गांव के दानबहादुर यादव भटहर के हनूमन्त पाण्डेय करियांव के लाल प्रताप का कहना है की खेतो मे पडी फसल भीग गई। जफराबाद नगर पंचायत में बारिश के चलते कस्बे की सड़कें कीचड़ में सन गई जिससे लोगों को परेशानी हुई। सबसे अधिक परेशानी पैदल चलने वालों के लिए हुई।